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शीला दीक्षित के वक्त चीफ सेक्रेटरी रहे राकेश मेहता ने की आत्महत्या, नोएडा के घर में मिला शव

दिल्ली के पूर्व चीफ सेक्रेट्री राकेश मेहता का शव नोएडा स्थित उनके फ्लैट में मिला. पुलिस को मौके से कथित सुसाइड नोट भी मिला है, जिसमें मानसिक और स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों का जिक्र है.

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शीला दीक्षित के समय दिल्ली के चीफ सेक्रेट्री रहे राकेश मेहता ने की आत्महत्या. (फोटो- India Today)

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  • दिल्ली के पूर्व चीफ सेक्रेट्री राकेश मेहता ने 6 सितंबर को नोएडा के अपने फ्लैट में फांसी लगाकर आत्महत्या की, जहां पुलिस ने सुसाइड नोट मिलने के बाद मामले की जांच शुरू की।
  • राकेश मेहता ने मानसिक और स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों का हवाला देते हुए आत्महत्या की, जबकि घटना के समय उनकी पत्नी देहरादून गई थीं और घर भीतर से बंद था।
  • पुलिस ने पोस्टमॉर्टम और फॉरेन्सिक जांच के बाद सबूत इकट्ठा कर लिए हैं, और 7 सितंबर को उनका अंतिम संस्कार लोधी रोड श्मशान घाट में किया गया।

दिल्ली के पूर्व चीफ सेक्रेट्री राकेश मेहता की आत्महत्या से मौत हो गई. उनका शव नोएडा में उनके घर से मिला है. डायल-112 के जरिए सूचना पाकर पुलिस मौके पर पहुंची. उनके फ्लैट का दरवाजा अंदर से बंद था. पुलिस की टीम दरवाजा तोड़कर अंदर पहुंची, जहां वह पंखे से लटके मिले. ये घटना 6 सितंबर की बताई जा रही है. जिस समय ये सब हुआ, उस वक्त मेहता की पत्नी सुमंती मेहता अपने बेटे से मिलने के लिए देहरादून गई थीं. उन्होंने कई बार मेहता को फोन किया. जवाब न मिलने पर उन्हें चिंता हुई. 

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इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस ने बताया कि मौके से एक कथित सुसाइड नोट भी मिला है. इसमें मेहता ने अपने इस कदम की वजह ‘मानसिक और स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों’ को बताया है. शव मिलने के बाद फॉरेन्सिक टीम ने फ्लैट की जांच करके मौके से और भी जरूरी सबूत जुटाए हैं. पुलिस मेहता के सुसाइड नोट में लिखी बातों और घर से मिले दूसरे सबूतों की जांच कर रही है. पोस्टमॉर्टम पूरा होने के बाद राकेश मेहता का शव उनके परिवार को सौंप दिया गया. सोमवार, 7 सितंबर को लोधी रोड श्मशान घाट में उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया.

कौन थे राकेश मेहता

राकेश मेहता 1975 बैच के IAS अधिकारी थे. उन्हें खासतौर पर दिल्ली में चीफ सेक्रेट्री के तौर पर उनके कार्यकाल के लिए याद किया जाता है. 2007 से लेकर 2010 तक वह इस पद पर रहे थे. इसके बाद रिटायर हो गए. उस वक्त शीला दीक्षित दिल्ली की मुख्यमंत्री थीं. अपने कार्यकाल के दौरान मेहता ने कई अहम प्रोजेक्ट्स पर काम किया. उसी समय दिल्ली में 2011 के कॉमनवेल्थ गेम्स की तैयारियां चल रही थीं. दिल्ली में कई बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर और नागरिक सुविधाओं से जुड़े प्रोजेक्ट्स चल रहे थे. 

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अपनी सर्विस के दौरान राकेश मेहता ने दिल्ली सरकार में कई अहम पदों पर काम किया. वह दिल्ली नगर निगम के कमिश्नर भी रहे. उनके पूर्व सहयोगियों के मुताबिक, दिल्ली में परिवहन, बिजली और दूसरी जरूरी सुविधाओं से जुड़े कई बड़े कामों की निगरानी में उनकी अहम भूमिका थी. दिल्ली में ब्लू लाइन बसें हटाने और लो फ्लोर बसें लाने की योजना में उनका अहम रोल माना जाता है. फिलहाल, वह नोएडा के सेक्टर-82 में केंद्रीय विहार-2 सोसायटी के अपने फ्लैट में पत्नी के साथ रहते थे. 

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