कश्मीर पर विवादित बयान देकर फारूक अब्दुल्ला लगातार आलोचनाओं का सामना कर रहे हैं. अब जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री गुलाम नबी आजाद ने भी उनके बयान पर नाराजगी जताई है. जम्मू-कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस (JKNC) के चीफ फारूक अब्दुल्ला ने कहा था कि पाकिस्तान दुनिया भर में कश्मीर का मुद्दा उठाता है और कश्मीरियों को बचा रहा है. उन्होंने भारत सरकार के इरादों पर सवाल उठाए थे. उनके इसी बयान को गुलाम नबी आजाद ने गलत बताया. गुलाम नबी ने पाकिस्तान को जम्मू-कश्मीर का दुश्मन बताया, और पाकिस्तान स्पॉन्सर्ड आतंकवाद का मुद्दा उठाया.
'फारूक अब्दुल्ला का कश्मीर वाला बयान गलत', गुलाम नबी आजाद भी विरोध में उतरे
गुलाम नबी आजाद ने फारूक अब्दुल्ला के कश्मीर वाले बयान पर नाराजगी जाहिर की. उन्होंने पाकिस्तान को भारत समेत जम्मू-कश्मीर का दुश्मन बताया. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) के लोग हिंदुस्तान के साथ रहना चाहते हैं.

जम्मू-कश्मीर केंद्रशासित प्रदेश में जम्मू-कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस (JKNC) की सरकार है. पार्टी चीफ फारूक अब्दुल्ला के बेटे उमर अब्दुल्ला ही जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री हैं. पूर्व सीएम गुलाम नबी आजाद ने पाकिस्तान पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पाकिस्तान के कारण कश्मीर तबाह हुआ. बर्बाद हुआ. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के आतंकवाद की वजह से हजारों नौजवान मारे गए. कई लड़कियों विधवा हो गईं. कई घर तबाह हो गए.
गुलाम नबी आजाद ने क्या कहा?25 अक्टूबर को ANI के साथ बातचीत में फारूक अब्दुल्ला के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए गुलाम नबी आजाद ने कहा,
'PoK के लोग हिंदुस्तान के साथ रहना चाहते हैं'"मैं फारूक साहब की रिस्पेक्ट करता हूं. लेकिन (उनका) ये स्टेटमेंट बिल्कुल गलत है. अगर हिंदुस्तान और जम्मू-कश्मीर को कोई सबसे बड़ा दुश्मन है, तो उसका नाम पाकिस्तान है. 1947 से ही, जब से भारत आजाद हुआ, उस दिन से लेकर आज तक, पाकिस्तान ने रात-दिन ये कोशिश की कि किस तरह से जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद फैलाया जाए. किस तरह से जम्मू-कश्मीर के कुछ हिस्से पर कब्जा किया जाए. 1947 में ही किस तरह से उन्होंने आतंकवादियों और दूसरे लोगों को भेजा और PoK (पाकिस्तान के कब्जे वाला कश्मीर) उन्होंने ले लिया."
जम्मू-कश्मीर के सीएम रह चुके गुलाम नबी आजाद ने पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) को गुलाम बताया. उन्होंने कहा कि PoK के लोग गुलामी में जी रहे हैं. उनका कहना है कि वहां आजादी की मांग कर रहे ना जाने कितने लोग मारे गए. वे लोग हिंदुस्तान के साथ रहना चाहते हैं. गुलाम नबी ने कहा कि PoK के लोग गुलामी में नहीं जीना चाहते, और पाकिस्तान के तहत काम नहीं करना चाहते.
गुलाम नबी आजाद ने आगे कहा,
"हमारे कश्मीरी पंडित बाहर चले गए, लाखों मुसलमान भी बाहर चले गए, तो सिर्फ पाकिस्तान और पाकिस्तान के आतंकवाद की वजह से."
गुलाम नबी ने कहा कि आजादी के बाद से जम्मू-कश्मीर में जो भी डेवलपमेंट हुआ, वो भारत सरकार का बड़ा रोल रहा है. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार चाहे किसी की भी रही हो, पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू से लेकर मौजूदा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तक, जम्मू-कश्मीर हमेशा फला-फूला है.
फारूक अब्दुल्ला की मुसलमानों से अपील24 अक्टूबर को फारूक अब्दुल्ला उत्तरी कश्मीर के बारामूला में पार्टी कार्यकर्ताओं के एक सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे. उसी दौरान उन्होंने कश्मीर पर विवादित बयान दिया. उन्होंने देशभर के मुसलमानों से एक अपील की. उन्होंने कहा कि वो भारतीय जनता पार्टी (BJP) शासित राज्यों में हो रही तोड़फोड़ की कार्रवाई के खिलाफ एकजुट हों.
उन्होंने आरोप लगाया कि मुसलमानों की संपत्तियों को जानबूझकर निशाना बनाया जा रहा है. उन्होंने सवाल उठाया कि मुसलमान ऐसी राजनीतिक व्यवस्था का समर्थन कैसे कर सकते हैं, जिसके शासन में कथित तौर पर उनके घरों, दुकानों और धार्मिक स्थलों को तोड़ा जा रहा है. उन्होंने अपने अधिकारों की रक्षा के लिए एकजुट होकर कदम उठाने का आह्वान किया.
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फारूक अब्दुल्ला पर भड़की BJPफारूक अब्दुल्ला के इन बयानों पर भाजपा की तरफ से भी कड़ी प्रतिक्रिया देखने को मिली. जम्मू-कश्मीर बीजेपी के पूर्व प्रमुख रविंदर रैना ने फारूक के बयानों की कड़ी निंदा की. उन्होंने इसे बेहद निंदनीय और दुर्भाग्यपूर्ण बताया और जम्मू-कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस (JKNC) के प्रमुख पर देशद्रोह करने का आरोप लगाया.
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