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'40 हजार जवान लगाने पड़े, इसका मतलब...', CJP प्रोटेस्ट पर प्रशांत किशोर की बात से BJP चिढ़ जाएगी

प्रशांत किशोर ने 10 अक्टूबर को दिल्ली में हुए कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन को कामयाब बताते हुए कहा कि इसे रोकने के लिए 40 हजार से ज्यादा अर्द्धसैनिक बलों की तैनाती करनी पड़ी. उन्होंने चुनाव आयोग की विश्वसनीयता पर सवाल उठाए और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की.

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प्रशांत किशोर ने सीजेपी के प्रोटेस्ट को सफल बताया है. (फोटो- India Today)

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  • 10 अक्टूबर को कॉकरोच जनता पार्टी ने चुनाव आयोग के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किया, जिसके दौरान हजारों लोगों को हिरासत में लिया गया।
  • इस विरोध प्रदर्शन का कारण चुनाव आयोग के प्रति जनता के घटते भरोसे और भ्रष्टाचार के आरोप थे, जिनमें बिहार में वोट खरीदी और बीजेपी की मदद का उल्लेख शामिल है।
  • इस घटना के बाद दिल्ली में 40 हजार से अधिक अर्द्धसैनिक बल तैनात किए गए, जिससे यह संकेत मिलता है कि सरकार ने इसे एक प्रभावशाली प्रदर्शन माना और सुरक्षा सख्त कर दी।

भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के नेता ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कॉकरोच जनता पार्टी के 10 अक्टूबर वाले प्रदर्शन को ‘फ्लॉप शो’ बता रहे हैं. लेकिन जनसुराज पार्टी के प्रमुख प्रशांत किशोर को इस पर मानना अलग है. उनका कहना है कि अगर विरोध प्रदर्शन रोकने के लिए दिल्ली में 40 हजार से ज्यादा अर्द्धसैनिक बलों की तैनाती की जाती है तो इसका मतलब है कि प्रोटेस्ट कामयाब रहा. प्रशांत किशोर ने सिर्फ इतना ही नहीं कहा. उन्होंने चुनाव आयोग पर कई आरोप भी लगाए और दावा किया कि पिछले 8-10 सालों में भारतीय चुनाव आयोग पर लोगों के भरोसे में काफी गिरावट आई है.

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कुल मिलाकर प्रशांत किशोर चुनाव आयोग के खिलाफ प्रोटेस्ट में विपक्ष के साथ दिख रहे हैं. उनसे मीडिया के लोगों ने सीजेपी के 10 अक्टूबर वाले प्रोटेस्ट के बारे में पूछा था. इस पर प्रशांत किशोर ने कहा, 

कई लोग इस बात पर जोर दे रहे हैं कि कितने लोग प्रोटेस्ट में शामिल हुए लेकिन फैक्ट ये है कि सरकार को इसे रोकने के लिए 40 हजार अर्द्धसैनिक बलों को तैनात करना पड़ा. ये दिखाता है कि यह कितना पावरफुल था.

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प्रशांत किशोर ने कहा कि स्पेशल इंटेंस रिवीजन के खिलाफ प्रोटेस्ट चुनाव आयोग में जनता के घटते भरोसे का प्रतिबिंब है. पिछले 8-10 सालों में चुनाव आयोग की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल उठे हैं. मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को इस्तीफा देना चाहिए. 

बिहार के बांकीपुर से विधायक प्रशांत ने कहा कि बिहार में सरकारी खजाने से पैसे देकर जनता का वोट खरीदा गया. एक नहीं बल्कि डेढ़ करोड़ से ज्यादा वोट खरीदे गए. पीके ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग ने इसमें बीजेपी की मदद की. इसकी वजह से बिहार का खजाना खाली हो गया. उन्होंने कहा कि जो भी लोकतंत्र की मजबूती चाहता है और वह चुनाव आयोग में व्यापक सुधार के पक्ष में है और उनकी पार्टी जनसुराज भी उसके ही साथ है.

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सीजेपी प्रोटेस्ट में हजारों हिरासत में

बता दें कि 10 अक्टूबर को कॉकरोच जनता पार्टी ने ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रोटेस्ट का आह्वान किया था. हालांकि, इस बार दिल्ली पुलिस हाई अलर्ट पर थी. अभिजीत दिपके, सौरव दास और आशुतोष रांका को फ्लाइट से ही हिरासत में ले लिया गया. इसके अलावा, अरविंद केजरीवाल, ममता बनर्जी समेत कई विपक्षी दलों के नेता भी डिटेन कर लिए गए. एक दिन में दिल्ली पुलिस ने 3 हजार से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया. 

वीडियो: ‘ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा लेकर जाएंगे’, प्रोटेस्टर्स ने दिल्ली पुलिस को दौड़ाया!

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