दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में 8 जून को INDIA ब्लॉक के नेताओं की बैठक हुई. बैठक में बीजेपी से भिड़ने की रणनीति पर चर्चा तो हुई ही, साथ ही कॉकरोच जनता पार्टी को मिल रहा ऑनलाइन सपोर्ट भी बहस का मुद्दा रहा.
कॉकरोच जनता पार्टी पर क्या सोचता है विपक्ष? INDIA ब्लॉक की बैठक में पता चला
INDIA ब्लॉक की मीटिंग में कॉकरोच जनता पार्टी के मुद्दे पर भी चर्चा हुई. कुछ पार्टियों के नेता CJP के साथ बातचीत करने और उनके आंदोलन का समर्थन करने के पक्ष में थे. वहीं कुछ नेताओं ने CJP को मिल रहे समर्थन को विपक्षी पार्टियों के लिए खतरा बताया.


विपक्षी नेताओं की इस पर मुख्तलिफ राय थी. कुछ CJP को मिल रहे समर्थन को जनता के बीच विपक्ष के सिकुड़ते स्पेस से जोड़ रहे थे, वहीं कुछ नेताओं ने राय दी कि विपक्ष का इस मंच से जुड़ना समय की मांग है.
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, शिवसेना (UBT) चीफ उद्धव ठाकरे ने इस बात पर जोर दिया कि विपक्षी दलों को साल भर एक्टिव रहना चाहिए, न कि सिर्फ चुनाव के दौरान. उन्होंने CJP को मिल रहे जबरदस्त समर्थन की ओर इशारा किया. बैठक में वर्चुअली शामिल हुए उद्धव ठाकरे ने कहा,
INDIA ब्लॉक के मेंबर्स को इस पर सोचने की जरूरत है कि CJP जैसी ऑनलाइन मुहिम को इतनी लोकप्रियता कैसे मिल गई. क्या लोगों का हम (विपक्ष) पर से भरोसा उठ गया है?
सूत्रों की मानें तो उद्धव ठाकरे ने साफ-साफ कहा कि जनता में विश्वसनीयता बनानी है तो विपक्षी दलों को पूरे साल जनता के मुद्दे पर सड़क पर संघर्ष करना होगा. उन्होंने विपक्षी गठबंधन के चेहरे के तौर पर एक नेता को आगे करने की सलाह भी दी है. नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता और जम्मू और कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने भी अपने बयान में CJP का जिक्र किया. उन्होंने कहा,
विपक्ष को CJP से बात करनी चाहिए क्योंकि वे कुछ तो सही कर रहे होंगे.
जंतर मंतर पर 6 जून को CJP के प्रोटेस्ट में शामिल होने वाले CPI-ML(Liberation) के महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य ने विपक्षी गठबंधन को CJP जैसे जन आंदोलनों के साथ एकजुटता दिखाने की सलाह दी.
बदले हुए समीकरण में हुई बैठक
केरल, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और असम. इन चार राज्यों में विधानसभा चुनाव के बाद INDIA ब्लॉक की बैठक हुई. बीजेपी ने असम में सत्ता में वापसी की. बंगाल में TMC से सत्ता छीन ली. केरल में कांग्रेस ने CPI(M) को सत्ता से बाहर कर दिया, वहीं तमिलनाडु में एक्टर रहे विजय की पार्टी TVK ने DMK को हराया.
INDIA ब्लॉक की पिछली बैठक और इस बैठक के बीच कई समीकरण बदल गए हैं. गठबंधन को चुनौती देने वाली ममता बनर्जी बंगाल में हार और पार्टी में टूट के चलते बैकफुट पर हैं. वहीं INDIA ब्लॉक की एक प्रमुख सहयोगी DMK कांग्रेस के टीवीके के साथ हाथ मिलाने के चलते ब्लॉक से बाहर निकल गई है.
कांग्रेस निशाने पर रही
8 जून को हुई बैठक में INDIA ब्लॉक के सहयोगियों ने कांग्रेस को निशाने पर लिया. समाजवादी पार्टी के चीफ अखिलेश यादव ने कांग्रेस नेतृत्व से बड़ा दिल दिखाने और सबको साथ लेकर चलने वाला रुख अपनाने की सलाह दी है. बैठक में कांग्रेस की ओर से सोनिया गांधी, मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी मौजूद थे. अखिलेश यादव की ये सलाह इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि अगले साल उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव होने हैं. कांग्रेस और सपा के बीच सीट बंटवारे को लेकर कड़ी सौदेबाजी देखने को मिल सकती है.
अखिलेश यादव ने इस पर भी सवाल उठाया, रीजनल पार्टियां जहां कांग्रेस के साथ गठबंधन की बात स्वीकारने में तनिक भी नहीं हिचकती, वहीं कांग्रेस की ओर से ऐसा रिस्पॉन्स नहीं दिखता. उन्होंने DMK के साथ गठबंधन तोड़कर TVK के साथ जाने के कांग्रेस के फैसले की भी मजम्मत की. NCP(SP) की सुप्रिया सुले और CPI(M) के नेता जॉन ब्रिटास ने भी अखिलेश यादव का समर्थन किया.
वीडियो: सोशल लिस्ट: कॉकरोच जनता पार्टी का जंतर मंतर में प्रोटेस्ट, बवाल की आशंका!





















