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लोकसभा में अखिलेश यादव का 'एंग्री यंग मैन' अवतार, स्पीकर के साथ कांग्रेस को भी सुना दिया

संसद में अखिलेश यादव ने नीट परीक्षा पेपर लीक और छात्रों पर लाठीचार्ज के मुद्दे पर बीजेपी के साथ-साथ कांग्रेस को भी लेपेटे में ले लिया. बोलने का समय मांगने के बावजूद स्पीकर ने जब सिर्फ बीजेपी और कांग्रेस के लोगों को मौका दिया तो अखिलेश यादव ने सवाल उठाया कि क्या बीजेपी ओर कांग्रेस में कोई समझौता हो गया है.

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अखिलेश यादव ने लोकसभा में बीजेपी के साथ कांग्रेस को भी निशाने पर लिया. (इंडिया टुडे)

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  • लोकसभा के मानसून सत्र में 22 जुलाई को विपक्षी सदस्यों ने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे और नीट पेपर लीक मामले पर चर्चा की मांग को लेकर हंगामा किया और बहस के लिए स्पीकर ने बीजेपी-कांग्रेस को बोलने की अनुमति दी।
  • विपक्ष के हंगामे और बोलने के अधिकार विभाजन को लेकर समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने सरकार और कांग्रेस पर आपसी समझौतों का आरोप लगाते हुए सदन में अपनी पार्टी को बोलने से रोका जाना विवादित माना।
  • अखिलेश यादव ने चेतावनी दी कि अगर छात्रों के मुद्दों को संसद और सरकार द्वारा अनदेखा किया जाता रहा तो विपक्ष फिर से सड़कों पर प्रदर्शन करेगा, जिससे राजनीतिक दबाव बढ़ने की संभावना बन गई है।

मानसून सत्र की शुरुआत के साथ ही सदन में जमकर हंगामा हो रहा है. 22 जुलाई को लगातार तीसरे दिन संसद में हंगामा जारी रहा. समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव  नीट यूजी परीक्षा के पेपर लीक और छात्रों पर लाठीचार्ज के मु्द्दे पर बोलने से रोकने पर भड़क उठे. उन्होंने गुस्से में बीजेपी के साथ कांग्रेस को भी लपेटे में ले लिया. अखिलेश यादव ने तंज कसते हुए कहा कि सरकार और कांग्रेस को बीच कोई समझौता हो गया है? लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल और केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू को बोलने की इजाजत दे दी थी.

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बोलने का समय नहीं मिलने पर भड़के

इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, 22 जुलाई को लोकसभा की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्ष ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग और नीट एग्जाम पेपर लीक पर चर्चा की मांग को लेकर हंगामा करना शुरू कर दिया. स्थगन के बावजूद विपक्ष के पीछे हटने से इनकार करने पर स्पीकर ओम बिरला ने बीजेपी और कांग्रेस के सदस्यों को बोलने की इजाजत दे दी. इससे नाराज अखिलेश यादव ने अपने हेडफोन उतारे और अपने पार्टी के सांसदों के साथ बाहर जाने लगे. यह देखकर स्पीकर ओम बिरला ने उनको रोका. उन्होंने कहा, 

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अखिलेश जी, आपने भी बोलने की इजाजत मांगी थी. आप भी बोल सकते हैं.

इसके बाद अखिलेश यादव रूक गए. उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि ये  मुद्दा समाजवादी पार्टी,कांग्रेस या बीजेपी से जुड़ा नहीं है, बल्कि छात्रों और युवाओं से जुड़ा हुआ है. उन्होंने गुस्से में कहा, 

आपने उन्हें (कांग्रेस )और उन्हें (बीजेपी) को बोलने की इजाजत दे दी. हमारा क्या? क्या सरकार ने कोई समझौता किया है? क्या आप किसी तरह की सहमति पर पहुंचे हैं?

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राहुल गांधी के साथ प्रदर्शन के बाद आया बयान

नाराज अखिलेश यादव का ये अंदाज सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया. दिलचस्प ये रहा कि सपा सुप्रीमो ने इस बयान से ठीक पहले संसद के बाहर राहुल गांधी के साथ छात्रों पर लाठीचार्ज और विपक्षी नेताओं की गिरफ्तारी के विरोध में प्रदर्शन किया. 

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अखिलेश यादव और राहुल गांधी ने संसद के बाहर प्रदर्शन किया. (इंडिया टुडे)

विरोध जताने के लिए विपक्षी सांसद काले कपडे़ पहनकर संसद में पहुंचे थे. शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग करते हुए अखिलेश यादव ने चेतावनी दी कि अगर छात्रों की बातों को नजरअंदाज किया जाता रहा तो वे फिर से सड़कों पर उतरेंगे. 

वीडियो: अखिलेश यादव ने छात्रों पर हुए लाठीचार्ज पर क्या कहा?

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