दिल्ली में लोकजनशक्ति पार्टी (रामविलास) की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक आयोजित हुई. पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान की अगुआई में हुई इस बैठक में संगठन विस्तार और आने वाले राज्यों के विधानसभा चुनाव की तैयारियों पर चर्चा हुई. बैठक के बाद चिराग पासवान ने बताया कि LJP (रामविलास) आने वाले उत्तर प्रदेश और पंजाब विधानसभा चुनाव में अपनी किस्मत आजमाएगी.
चिराग पासवान यूपी चुनाव में बीजेपी को टेंशन देंगे? बैठक में बड़ा फैसला ले लिया
लोकजनशक्ति पार्टी (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान की नजर अपनी पार्टी के विस्तार पर है. दिल्ली में राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में उनकी पार्टी ने उत्तर प्रदेश और पंजाब चुनाव में भाग लेने की घोषणा की है. चिराग पासवान ने बताया कि अगर एनडीए से उनको सम्मानजनक सीटें मिलेंगी तो वे गठबंधन में लड़ेंगे, नहीं तो अकेले दम पर चुनावी मैदान में उतरेंगे.

चिराग ने बताया कि पार्टी के पास फिलहाल दोनों विकल्प खुले हैं. अगर बीजेपी की अगुआई वाले एनडीए गठबंधन से उनको सम्मानजनक सीट ऑफर होता है, तो वे गठबंधन के साथ लड़ेंगे, नहीं तो अकेले ही चुनावी अखाड़े में दांव आजमाएंगे.
उत्तर प्रदेश में विस्तार पर जोर
LJP (रामविलास) की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में उत्तर प्रदेश में चुनाव लड़ने पर खास फोकस रहा. पार्टी इस चुनाव को बिहार से बाहर अपने संगठन के विस्तार के लिहाज से अहम मान रही है. पार्टी का मानना है कि बिहार से बाहर अपनी राजनीतिक मौजूदगी मजबूत करने के लिए उत्तर प्रदेश चुनाव सबसे मुफीद मौका है.
बैठक में पार्टी को उत्तर प्रदेश में बूथ स्तर तक मजबूती देने और सामाजिक आधार बढ़ाने की रणनीति पर चर्चा हुई. हालांकि एलजेपी की ओर से ये साफ नहीं किया गया कि वह कितनी सीटों पर चुनाव लड़ना चाहती है. सीटों की संख्या और गठबंधन को लेकर अंतिम फैसला राजनीतिक बातचीत और परिस्थितियों के आधार पर लिया जाएगा.
चिराग ने संगठन मजबूत करने का मंत्र दिया
चिराग पासवान ने बैठक को संबोधित करते हुए पार्टी के संगठन को मजबूती देने पर जोर दिया. उन्होंने पार्टी पदाधिकारियों से पार्टी की विचारधारा और नीतियों को जनता के बीच तक पहुंचाने का मैसेज दिया. चिराग पासवान के पास फिलहाल बिहार में पासवान वोट बैंक का आसरा है. उत्तर प्रदेश में भी उनकी कोशिश दलित वोटों को अपने साथ जोड़ने की होगी.
लेकिन वहां BSP दलित वोटों की मजबूत दावेदार के तौर है. इसके अलावा सपा, कांग्रेस और बीजेपी भी इस वोट बैंक को लुभाने की पुरजोर कोशिश कर रहे हैं. ऐसे में चिराग पासवान की दाल कितनी गल पाएगी, ये देखने वाली बात है. दूसरी तरफ बिहार के बाहर उनकी पार्टी का कोई प्रेजेंस नहीं है. ऐसे में बीजेपी उत्तर प्रदेश या फिर पंजाब में उनको कितना भाव देगी ये भी देखना दिलचस्प होगा.
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