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थरूर ने राहुल गांधी के छात्र मिशन को बताया फ्लॉप, भड़के वेणुगोपाल बोले-'BJP को खुशी होगी'

Shashi Tharoor ने एक कार्यक्रम में Rahul Gandhi के 'Chhatron Ki Goonj' अभियान पर प्रतिक्रिया दी थी. उन्होंने कहा था कि इसे वैसा रिस्पॉन्स नहीं मिला जैसा CJP प्रोटेस्ट को मिला था. इस पर कांग्रेस के दिग्गज नेता केसी वेणुगोपाल भड़क गए.

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शशि थरूर (बाएं) के बयान पर केसी वेणुगोपाल (दाएं) ने प्रतिक्रिया दी. (PTI)

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  • कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने राहुल गांधी के 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम की तुलना 'कॉकरोच जनता पार्टी' के प्रदर्शन से कम प्रभावशाली होने वाले बयान दिया।
  • इस विवाद की पृष्ठभूमि में थरूर द्वारा किए गए तर्क हैं कि Gen Z पर कांग्रेस का संदेश अपेक्षित प्रभाव नहीं डाल पाया, जिससे पार्टी के अंदर विरोध और सफाई की स्थिति बनी।
  • कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने शशि थरूर को अपनी बातों पर सफाई देने के साथ-साथ नेताओं को ऐसी बयानबाजी से बचने और BJP को राजनीतिक लाभ नहीं पहुँचाने की चेतावनी दी है।

कांग्रेस सांसद शशि थरूर अक्सर ऐसी सुर्री छोड़ते हैं, जिससे पार्टी के अंदर ही घमासान शुरू हो जाता है. इस बार उन्होंने यह सुर्री राहुल गांधी पर छोड़ी है. इसलिए मामला और तल्ख हो गया. कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल तक को सफाई देनी पड़ रही है. ताजा मामले में वेणुगोपाल ने सफाई के साथ कांग्रेस नेताओं को आगाह भी किया. दरअसल थरूर ने राहुल गांधी के 'छात्रों की गूंज' प्रोग्राम को 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के प्रोटेस्ट से कमतर बताया था. इस पर वेणुगोपाल भड़क गए.

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केसी वेणुगोपाल ने कांग्रेस नेताओं को वॉर्निंग देते हुए कहा ऐसी बयानबाजी से बचना चाहिए. उन्होंने कहा कि शशि थरूर ने जैसा बयान दिया है, उस तरह की प्रतिक्रियाओं से भारतीय जनता पार्टी (BJP) को राजनीतिक बारूद मिलता है. वेणुगोपाल ने बीच का रास्ता अख्तियार करने की भी कोशिश की. उन्होंने कहा कि राहुल गांधी के छात्र कार्यक्रम 'छात्रों की गूंज' पर शशि थरूर ने अपना बयान जानबूझकर नहीं दिया होगा.

केसी वेणुगोपाल ने दी तीखी नसीहत

शनिवार, 8 अगस्त को प्रयागराज में लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम किया. वेणुगोपाल ने राहुल गांधी के स्टूडेंट आउटरीच का जोरदार बचाव करते हुए कहा कि प्रयागराज के प्रोग्राम ने कांग्रेस के पारंपरिक ऑर्गेनाइजेशनल बेस से आगे बढ़कर युवाओं को खींचा. इससे पहले राहुल गांधी कोटा और देहरादून में भी यह कार्यक्रम कर चुके हैं. 

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इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, रविवार, 9 अगस्त को ‘ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी’ (AICC) के महासचिव केसी वेणुगोपाल ने शशि थरूर के बयान पर मीडिया से कहा,

"मैंने केवल उनका बयान कुछ मीडिया चैनलों पर देखा है. मैं ठीक से सुन नहीं पाया कि उन्होंने क्या कहा."

केसी वेणुगोपाल ने कहा कि शशि थरूर को खुद अपनी बात पर सफाई देनी चाहिए. इस बीच उन्होंने कांग्रेस नेताओं को सावधानी बरतने की जरूरत पर जोर दिया. उन्होंने कहा,

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"भले ही कांग्रेस के सदस्य हमेशा पार्टी के नियमों या अनुशासन का सख्ती से पालन ना करें, लेकिन हमें ऐसे बयान देने से बचना चाहिए जो सिर्फ BJP को खुश करने के लिए हों... अगर कोई राहुल गांधी में कोई कमी निकालता है या उनके बारे में दो बुरी बातें कहता है तो BJP को बहुत खुशी होगी. इससे उन्हें सबसे ज्यादा खुशी होगी."

थरूर की नीयत पर वेणुगोपाल का जवाब

शशि थरूर की नीयत पर केसी वेणुगोपाल ने कहा,

"मुझे नहीं लगता कि उन्होंने यह बात जानबूझकर कही है, और ना ही ऐसा लगता है कि वे जानबूझकर ऐसा कहेंगे."

शशि थरूर ने क्या कहा?

शनिवार, 8 अगस्त को शशि थरूर ने मुंबई में 'इंटरनेशनल मूवमेंट टू यूनाइट नेशंस' (IIMUN) की 15वीं सालगिरह के कार्यक्रम में शिरकत की. वहां उन्होंने माना कि राहुल गांधी के 'छात्रों की गूंज' अभियान को वैसा रिस्पॉन्स नहीं मिला जैसा हाल ही में ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) की अगुवाई वाले विरोध प्रदर्शनों के दौरान देखा गया था.

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थरूर ने कहा कि जंतर-मंतर पर CJP प्रोटेस्ट के कई मुद्दों को कांग्रेस और राहुल गांधी पहले ही 'छात्रों की गूंज' कैंपेन के जरिए उठा चुके हैं. अपने बयान पर सफाई देते हुए शशि थरूर ने कहा कि हमें यह समझने की जरूरत है कि Gen Z पर हमारी बात का उतना असर क्यों नहीं हुआ. उन्होंने कहा,

"क्या हम सुनने में नाकाम रहे? क्या हम लोगों की नब्ज पकड़ने की पुरानी कहावत को मानने में नाकाम रहे? क्या Gen Z की नब्ज से हमारी उंगली गायब थी? यह कुछ ऐसा है जिस पर हमें सच में सवाल उठाने की जरूरत है."

थरूर ने बाद में कहा कि उनकी बातों को उनकी पार्टी या उनकी लीडरशिप पर 'हमला' समझा गया. जबकि उनका कहना था कि राजनीतिक पार्टियों को युवा पीढ़ी के लिए दरवाजे खोलने होंगे. थरूर ने पॉलिटिक्स को आकार देने में युवाओं के लिए रास्ते बनाने की जरूरत पर जोर दिया.

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