झारखंड में छात्र प्रदर्शन कर रहे हैं. पुलिस ने लाठीचार्ज किया. आंसू गैस चली. सरकार ने तीन परीक्षाएं रद्द करने की बात मान ली और JPSC के तीन सदस्यों ने इस्तीफा दे दिया. दृश्य बड़ा विचित्र था. एक तरफ़ विद्यार्थी थे. हाथ में किताबें, कंधे पर झोले, आंखों में नौकरी. दूसरी तरफ़ पुलिस थी. हाथ में लाठी, सामने पानी की तोप. बीच में बैरिकेड था. यानी रोज़गार और व्यवस्था के बीच लोहे की एक पतली-सी रेखा. विद्यार्थी आगे बढ़े. पानी आया. विद्यार्थी भीग गए. फिर लाठी चली. परीक्षा के पीछे तैयारी. तैयारी के पीछे उम्र. उम्र के पीछे घर वालों की उम्मीद. परीक्षा फॉलोज़ माय ब्रदर. परीक्षा रद्द फॉलोज़ माय ब्रदर. जांच फॉलोज़ माय ब्रदर. और फिर अगली परीक्षा की तैयारी भी फॉलोज़ माय ब्रदर.
आज के मुख्य सामाचार रवि किशन के शिल्प में माय ब्रदर!
Jharkhand jJPSC JSSC protest: संसद में विपक्षी सांसदों के विरोध के बीच लोकसभा ने ट्रिब्यूनल नियुक्तियों से जुड़ा बिल पास कर दिया. महत्वपूर्ण विधेयक था. पारित होना ही था. आवाज़ें इतनी थीं कि मतदान भी आवाज़ से ही कराना पड़ा.


संसद में विपक्षी सांसदों के विरोध के बीच लोकसभा ने ट्रिब्यूनल नियुक्तियों से जुड़ा बिल पास कर दिया. महत्वपूर्ण विधेयक था. पारित होना ही था. आवाज़ें इतनी थीं कि मतदान भी आवाज़ से ही कराना पड़ा. संसद में सब बोल रहे थे. इतना बोल रहे थे कि किसी को पता नहीं चल रहा था कि कौन क्या बोल रहा है. सबको बोलने का अधिकार है. समस्या यह है कि सबको सुनना भी पड़ता है. भाषण के पीछे शोर. शोर के पीछे कुर्सी. और कुर्सी के पीछे चुनाव. बिल फॉलोज़ माय ब्रदर.
संसद में बिलों का गिव एंड टेकसंसद के मानसून सत्र में अब सिर्फ दो कामकाजी दिन बचे हैं. लेकिन दो दिन बचे हैं और बिल दो ऐसे हैं कि दोनों का भविष्य अभी लटका हुआ है. एक तरफ FCRA संशोधन बिल है. दूसरी तरफ परिसीमन संविधान संशोधन बिल है. सरकार दोनों को लेकर रास्ता निकालना चाहती है. विपक्ष दोनों को लेकर अपनी-अपनी चिंता लेकर बैठा है. यानी संसद में इस समय सबसे ज्यादा कमी किसी चीज की है तो वह है समय. समय आलवेज फॉलोज़ माय ब्रदर.
असली सवाल यह है कि बचे हुए दो दिनों में क्या होगा. FCRA पर JPC की बात आगे बढ़ेगी या बिल इसी सत्र में पास कराने की कोशिश होगी. परिसीमन पर समर्थन जुटेगा या मामला शीतकालीन सत्र तक जाएगा. और अगर वहां भी बात नहीं बनी तो क्या विशेष सत्र की संभावना निकलेगी? यानी संसद में अभी कानून कम और संभावना ज्यादा चल रही है. संभावना फॉलोज़ माय ब्रदर.
भारत पर 100% टैरिफ?अमेरिकी सीनेट ने रूस से तेल खरीदने वाले बड़े देशों पर सौ प्रतिशत तक शुल्क लगाने वाला विधेयक पास कर दिया है. भारत और चीन भी इसकी जद में आ सकते हैं. तर्क यह है कि रूस से तेल खरीदोगे तो रूस को पैसा मिलेगा और रूस उस पैसे से युद्ध चलाएगा. दृश्य बड़ा घरेलू है. रूस ने तेल निकाला. भारत ने मंगा लिया. रूस ने भेज दिया. भारत ने पैसे दे दिए. अमेरिका ने दूर से देखा. फिर बोला पैसा फॉलोज़ माय ब्रदर. तेल रूस का. पैसा भारत का. नाराज़गी अमेरिका की. और चिंता भारतीय रसोई की. क्योंकि अंतरराष्ट्रीय राजनीति का सबसे छोटा रास्ता आख़िर में रसोई तक ही जाता है. तेल के पीछे गाड़ी. गाड़ी के पीछे दफ़्तर. दफ़्तर के पीछे तनख़्वाह. तनख़्वाह के पीछे घर. और घर के पीछे महीने का बजट. ट्रम्प ब्रो! महंगाई फॉलोज़ माय ब्रदर.

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दिल्ली में अगस्त के शुरुआती दिनों में ही इतनी वर्षा हो गई कि महीने का सामान्य आंकड़ा पीछे छूट गया. मौसम विभाग ने कई इलाकों में भारी वर्षा की चेतावनी दी है. दिल्ली में छाता लेकर निकलो तो बारिश रुक जाती है. छाता घर छोड़ दो तो बादल ऐसे टूटते हैं जैसे किसी ने ऊपर से कह दिया हो आज इसी को पकड़ना है. सड़क पर पानी. नाली में पानी. गाड़ी में पानी. और चालक का विश्वास कि यहां से निकल जाएगी. विश्वास के पीछे गड्ढा. गड्ढे के पीछे पानी. और पानी के पीछे नगर निगम. पकौड़े फॉलोज़ माय ब्रदर.
वीडियो: Jharkhand Protest में लाठीचार्ज, आंसू गैस, वॉटर कैनन का इस्तेमाल, घायल लड़के ने क्या बताया?














