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AAP ने राज्यसभा के उपनेता पद से हटाया था, अब राघव चड्ढा को BJP ने बड़ा काम थमा दिया

पिटीशन कमेटी संसद की एक महत्वपूर्ण समिति होती है, जो आम नागरिकों द्वारा भेजी गई याचिकाओं की जांच करती है. यह समिति कानूनों, नीतियों और प्रशासनिक फैसलों से जुड़ी शिकायतों पर विचार करती है और सरकार को सुझाव देती है.

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राघव चड्ढा राज्यसभा की याचिका समिति के अध्यक्ष नियुक्त हुए. (फोटो- इंडिया टुडे)
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हिमांशु मिश्रा

आम आदमी पार्टी से भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा को मोदी सरकार ने बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है. राघव को राज्यसभा की ‘याचिका समिति’ (Petition Committee) के अध्यक्ष पद पर नियुक्त किया गया है. इससे पहले जब राघव AAP में थे, तब वो राज्यसभा में उपनेता के पद पर थे. इसी साल उपनेता पद से हटाए जाने के बाद अप्रैल महीने में राघव AAP के 6 राज्यसभा सांसदों के साथ BJP में शामिल हो गए.

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‘याचिका समिति’ के अध्यक्ष पद पर राघव चड्ढा के नाम की मुहर 20 मई 2026 को लगाई गई. इसे राज्यसभा के सभापति सीपी राधाकृष्णन के द्वारा समिति के पुनर्गठन के तहत किया गया है. इंडिया टुडे से जुड़े हिमांशु मिश्रा की रिपोर्ट के मुताबिक, समिति में राघव चड्ढा के अलावा हर्ष महाजन, गुलाम अली, शंभू शरण पटेल, मयंक कुमार नायक, मस्तान राव यादव बीधा, जेबी माथर हिशाम, सुभाषिश खूंटिया, वी नरजरी और संतोष कुमार पी को भी सदस्य बनाया गया है.

इसके अलावा लोकसभा की एक अधिसूचना के मुताबिक, 21 मई को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने अरविंद सावंत को उसी संयुक्त समिति के लिए नियुक्त किया है. पिटीशन कमेटी संसद की एक महत्वपूर्ण समिति होती है, जो आम नागरिकों द्वारा भेजी गई याचिकाओं की जांच करती है. यह समिति कानूनों, नीतियों और प्रशासनिक फैसलों से जुड़ी शिकायतों पर विचार करती है और सरकार को सुझाव देती है. 

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राज्यसभा की नोटिस.

इसके माध्यम से जनता सीधे अपनी समस्याएं संसद तक पहुंचा सकती है, जिससे यह लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए एक अहम कड़ी माना जाता है. 

बता दें कि आम आदमी पार्टी और राघव के बीच मनमुटाव हो गया था. इसके बाद राघव समेत 7 AAP सांसदों ने बीजेपी ज्वॉइन कर लिया था. अपने फैसले की वजह बताते हुए राघव ने कहा था कि 'AAP, जिसके लिए उन्होंने अपनी जवानी के ‘15 साल’ दिए थे, अब वो ‘अपने सिद्धांतों और मूल्यों से पूरी तरह भटक गई है. इसी वजह से वो (AAP) अब देश के हित में काम नहीं कर रही, बल्कि अपने निजी फायदे के लिए काम कर रही है.’

इसके बाद से ही राजनीतिक गलियारों में ऐसे सवाल उठ रहे थे कि केंद्र की मोदी सरकार राघव चड्ढा को क्या जिम्मेदारी सौंपेगी. राघव बीजेपी सरकार किस भूमिका में नजर आएंगे. अब इन तमाम सवालों पर विराम लग गया है.

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