2020 के मार्च-अप्रैल महीने में जब पूरी दुनिया में अस्पताल और क़ब्रिस्तान भरते जा रहे थे, उस समय चीन संक्रमण को नियंत्रण में ला चुका था. ट्रेस, टेस्ट एंड लॉकडाउन की उसकी पॉलिसी काम कर रही थी. जल्दी ही चीन सावर्जनिक जगहों को खोलने की तैयारी में जुटा था. इस कथित सफ़लता को लेकर भी अलग-अलग दावे किए जाते हैं. अगर कुछ समय के लिए इन आरोपों को किनारे रख दिया जाए तो चीन का कोविड कंट्रोल मॉडल एक बेजोड़ उदाहरण की तरह दिखता है. लेकिन क्या ये ऐसा है? क्या दुनिया को चीन का उदाहरण फ़ॉलो करना चाहिए? हालिया खुलासे के बाद तो इसका एक ही जवाब होगा. कतई नहीं. आज जानेंगे, ये खुलासा क्या है? चीन की ज़ीरो कोविड पॉलिसी क्या है? कोरोना का एक केस निकल आने पर पूरे शहर को ताला क्यों लगा दिया जाता है? और, ऐसा करके चीन क्या साबित करना चाहता है? देखें वीडियो.
दुनियादारी: चीन की जीरो 'कोविड पॉलिसी' की असली कहानी कुछ और ही है
क्या दुनिया को चीन का उदाहरण फ़ॉलो करना चाहिए?
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