आज की कहानी एक सफ़र से जुड़ी है. अर्श से फर्श तक के सफ़र से. इस कहानी की मुख्य किरदार एक तेज़तर्रार लड़की है. स्टैनफ़ोर्ड यूनिवर्सिटी से ड्रॉपआउट हुई. 19 की उम्र में सिलिकन वैली पहुंची. अपनी कंपनी बनाई. नाम रखा, थेरानोस. ये कंपनी ब्लड टेस्टिंग की दुनिया में क्रांतिकारी बदलाव लाने का दावा करती थी. दावा कुछ यूं कि ख़ून की एक बूंद से दो सौ से अधिक टेस्ट किए जा सकते हैं. इस दावे के दम पर उसने करोड़ों डॉलर्स उठाए. इस विजन में पैसा लगाने वालों में रूपर्ट मर्डोक जैसे लोग भी थे. जब ये विजन धरातल पर उतरा तो एक-एक कर भरम टूटने शुरू हुए. पता चला कि ये पूरा आविष्कार एक मज़ाक है. इस विजन से जुड़े हर व्यक्ति के साथ फ़्रॉड हुआ था. इसकी सूत्रधार थी, थेरानोस की फ़ाउंडर और अगला स्टीव जॉब्स कहलाने वाली एलिज़ाबेथ होम्स. थेरानोस और एलिज़ाबेथ होम्स की कहानी क्या है? ये पूरा फ़्रॉड कैसे सामने आया? और, आज के दिन हम ये चर्चा क्यों कर रहे हैं? देखें वीडियो.
दुनियादारी: स्टीव जॉब्स की नकल करने वाली एलिज़ाबेथ होम्स ने कैसे अरबों का फ्रॉड किया?
थेरानोस और एलिज़ाबेथ होम्स की कहानी क्या है?
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