उन्होंने नीले रंग का जैकेट पहन रखा था. जैकेट के ऊपर बोल्ड में PRESS लिखा था. उनके सिर पर हेलमेट भी था. वो वेस्ट बैंक के जेनिन शहर में इज़रायली सेना की कार्रवाई को कवर करने आईं थी. ये काम वो बरसों से कर रहीं थी. पूरे एहतियात के साथ. लेकिन 11 मई के दिन उनकी कोई सावधानी काम नहीं आई. दिन के उजाले में एक गोली आई और सीधी उनके माथे से धंस गई. अस्पताल ले जाने के थोड़ी देर बाद ही उनकी मौत हो गई. ये कहानी क़तर के न्यूज़ चैनल अल-जज़ीरा की पत्रकार शिरीन अबू अक्लेह की है. शिरीन पिछले 26 बरस से पत्रकारिता कर रहीं थी. उनका जन्म जेरूसलम में हुआ था. बाद में उन्होंने अमेरिका की नागरिकता ले ली. इस वजह से ये मामला एक अमेरिकी नागरिक की हत्या में भी तब्दील हो गया है. दुनियाभर में इस हत्या की जांच की मांग चल रही है. अमेरिका अपने बयान को चबा-चबाकर पेश कर रहा है. उसे अपने नागरिक की हत्या को ग़लत भी साबित करना है. और, इज़रायल से दोस्ती भी निभानी है. आज हम जानेंगे, शिरीन अबू अक्लेह की पूरी कहानी क्या है? उनकी हत्या से क्या सवाल खड़े हो गए हैं? और, कॉन्फ़्लिक्ट ज़ोन्स में पत्रकार निशाने पर क्यों रहते हैं? देखें वीडियो.


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