भारत सरकार के थिंक टैंक नीति आयोग (NITI Aayog) ने शुक्रवार 26 नवंबर को राष्ट्रीय बहुआयामी गरीबी सूचकांक यानी MPI की एक रिपोर्ट जारी की है. MPI गरीबी को स्वास्थ्य, शिक्षा और लाइफ़ स्टाइल के कुछ महत्वपूर्ण और बुनियादी मानकों के आधार पर परिभाषित करती है. यानी आपके पास कितने रुपए हैं, इससे यह तय नहीं हो सकता कि आप गरीब हैं या नहीं. MPI की रिपोर्ट जिन मानकों के आधार पर गरीबी को परिभाषित करती है, उन मानकों पर सवाल खड़े किए जा रहे हैं. और इसके चलते ही यह पूरी रिपोर्ट विवादों में आ गई है. आइए समझते हैं कि ये मामला क्या है? देखें वीडियो.
नीति आयोग की राष्ट्रीय बहुआयामी गरीबी सूचकांक रिपोर्ट कितनी सही?
यह रिपोर्ट 'देश में कौन गरीब' तय करती है.
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