जागृति यात्रा 2019: फ्रांस के रहने वाले मैथ्यू, जो धारवाड़ के जंगलों में शास्त्रीय संगीत सिखाने लगे
कहानी कच्ची छत वाले उस स्कूल की, जहां से बच्चे घर नहीं जाना चाहते.
Advertisement
छुक छुक होता है. दी लल्लनटॉप की एक स्पेशल सीरीज. जिसमें हम आपको लेकर चलेंगे भारत भ्रमण पर. 15 दिनों की ये यात्रा मुंबई से शुरू होगी और फिर कर्नाटक, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, ओडिशा, बिहार, उत्तर प्रदेश, नई दिल्ली से राजस्थान होते हुए गुजरात तक जाएगी. और इस यात्रा का आज का हमारा पड़ाव है कर्नाटक के धारवाड़ जिले के एक स्कूल में. एक ऐसे स्कूल में जिसके बारे में जानने के लिए दूर-दूर से लोग आते हैं. ऐसा स्कूल जिसे आज के समय में एक मॉडल माना जाता है. जिसमें कर्नाटक के दूर-दराज के गांवों से आकर बच्चे मुफ्त शिक्षा लेते हैं. आइए जानते हैं, ऐसा क्या खास है इस स्कूल में. इस स्कूल के डायरेक्टर, फाउंडर मैथ्यू फोर्टियर से. स्कूल घूमने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें.
Add Lallantop as a Trusted Source

Advertisement
Advertisement

.webp?width=80)




















