इज़रायल को अमरीका का बैकअप है. अमरीका कहता है, हमास को खत्म कर दो. कोई और आया तो हम देख लेंगे. दूसरी पार्टी है, हमास. ईरान इकलौता देश है, जिसने खुलकर हमास के हमले का समर्थन किया. पक्ष में बयान दिए हैं. वेस्टर्न मीडिया की मानें तो हथियार भी. दूसरी तरफ़, हाल के समय में अमरीका और ईरान की दुश्मनी बढ़ी है. अमरीका, इज़रायल और सऊदी अरब के बीच मध्यस्थता भी कर रहा था. इससे ईरान की प्रासंगिकता घट रही थी. जानकार कहते हैं, जंग के ज़रिए ईरान को अपना हित साधने का मौका मिला है. हालांकि, वो सीधी लड़ाई में शामिल होने के लिए तैयार नहीं है. इसलिए, बैकडोर से आतंकी गुटों को उकसा रहा है.
दुनियादारी: इजरायल-हमास की जंग के बीच ईरान पर बमबारी, एक और जंग शुरू?
अमरीका के राष्ट्रपति जो बाइडन ने ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली ख़ामेनई को धमकी दी कि- 'हमारे एक भी आदमी को छुआ तो अंज़ाम बुरा होगा.' वॉर्निंग के एक दिन बाद ही अमरीकी फ़ौज ने बमबारी की. सीरिया में ईरान से जुड़े दो ठिकानों को उड़ा दिया. फिर सफ़ाई दी, ये हमारे आपस का मामला है. इसका इज़रायल से कोई लेना-देना नहीं है.
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