चीन, अमेरिका, पाकिस्तान, ताइवान और इज़राएल. अंतर्राष्ट्रीय मामलों के ऐसे कीवर्ड्स हो गए हैं कि ज़िक्र हो जाए तो न्यूज़ कब खिचड़ी बन जाती है पता ही नहीं चलता. खिचड़ी का अचार और अचार वाला अख़बार चींटियों से लबालब है. जिन्हें स्याही के काले बिंदु तो दिखाई दे रहे हैं. लेकिन बिंदुओं से बनने वाली बात नहीं दिखाई दे रही.हम कहेंगे पानी का स्वाद पूछने से बेहतर है. पानी के स्त्रोत पर चला जाए. अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ये स्त्रोत वैसे तो अमेरिका है. लेकिन दुनिया की सेंटर ऑफ़ ग्रेविटी धीरे-धीरे चीन की तरफ़ बढ़ रही है. जहां से निकलने वाली खबरें दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच रही हैं. आज बात चीन से सम्बंधित कुछ ऐसी ही खबरों की. जो इकलौती पकड़ ली जाएं तो कुछ ख़ास इशारा नहीं करती. लेकिन अपनी समग्रता में दुनिया में शक्ति के बदलते हुए समीकरणों की तरफ़ इशारा करती हैं. देखें वीडियो.
दुनियादारी: अमेरिका को ताइवान में फंसा कर चीन ने किस नए गढ़ में सेंध लगा दी है?
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