खाना डिलीवर ना करने पर जोमैटो को 8 हजार रुपये का मुआवजा देना पड़ेगा. ऐसा ऑर्डर दिया है केरल के एक कन्ज्यूमर कोर्ट ने. दरअसल, एक छात्र ने शिकायत की थी कि उसने जोमैटो से खाना ऑर्डर किया, पैसे भी दिए लेकिन उसे खाना डिलीवर नहीं हुआ. आरोप है कि कंपनी ने ऑर्डर के पैसे भी नहीं लौटाए.
Zomato ने 362 रुपए का खाना डिलीवर नहीं किया, अब ऐसा भुगतना पड़ेगा!
इससे अच्छा तो 362 रुपए का खाना ही डिलीवर कर देता!


बार एंड बेंच की रिपोर्ट के मुताबिक, शिकायतकर्ता का नाम अरुण जी कृष्णन है जो कि दिल्ली यूनिवर्सिटी से लॉ की पढ़ाई कर रहे हैं. उन्होंने केरल के तिरुवनंतपुरम से जोमैटो पर खाना ऑर्डर किया था. शिकायत के मुताबिक, उस रात अरुण ने दो बार खाना ऑर्डर किया लेकिन खाना नहीं पहुंचा. शिकायत के मुताबिक, उस ऑर्डर के लिए अरुण ने 362 रुपये दिए थे जो कि उन्हें वापस भी नहीं मिले. इस पर अरुण ने जोमैटो के खिलाफ मामला दर्ज करवाया. उन्होंने डेढ़ लाख रुपये के मुआवजे के साथ कार्रवाई की लागत के रूप में 10 हज़ार रुपये की वापसी की मांग की. मामला कोर्ट पहुंचा.
यहां जोमैटो ने ऑर्डर डिलीवर ना कर पाने की दो वजह बताईं. अपने बचाव में कंपनी ने कहा कि ऑर्डर डिलीवर नहीं किया जा सका क्योंकि यूजर ऑर्डर लेने के लिए मौजूद नहीं था. जोमैटो ने ये भी कहा कि अरुण के एड्रेस में भी कुछ समस्या थी और इसलिए उन्हें ऐप में इसे ठीक करने का निर्देश दिया गया था.
अरुण ने अपनी शिकायत में ये भी कहा है कि उसने मामले पर रेस्तरां के मालिक से भी बात की. अरुण के मुताबिक, मालिक ने बताया कि जोमैटो भारी भीड़ या बारिश के दौरान ऐसे काम करता है.
हालांकि तमाम सबूतों की जांच के बाद पता चला कि अरुण के आरोप सही थे और वो मुआवजे के हकदार हैं. इसके बाद कंपनी को कुल 8362 रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया गया. इसमें मानसिक पीड़ा के लिए मुआवजे के रूप में 5,000 रुपये, कार्यवाही के खर्च के रूप में 3,000 रुपये और 12 परसेंट ब्याज समेत ऑर्डर के 362 रुपये शामिल हैं.
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