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योगी आदित्यनाथ और गिरिराज के सामने उल्टा तिरंगा अब क्यों वायरल हो रहा है?

क्या है इस फोटो की कहानी...

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योगी आदित्यनाथ और गिरिराज सिंह के ठीक सामने मेज पर भारत का झंडा रखा था. झंडा उल्टा था, मगर दोनों में से किसी ने भी इसपर ध्यान नहीं दिया. अगर यही गलती किसी और से हुई होती, खासतौर पर विपक्ष के किसी नेता से, तो भी क्या ये लोग उसे मानवीय भूल वाला बेनेफिट ऑफ डाउट देते?
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह. इन दोनों की एक तस्वीर वायरल हो रही है. गिरिराज बैठे हैं, योगी उनके बगल में खड़े हैं. इनके सामने भारत का एक झंडा रखा है. इसी झंडे की वजह से ये तस्वीर वायरल हो रही है. दरअसल झंडा उल्टा लगा है. इसमें केसरिया वाला हिस्सा नीचे की तरफ और हरा वाला हिस्सा ऊपर की तरफ है. लोग लिख रहे हैं कि एक मुख्यमंत्री और एक केंद्रीय मंत्री, लेकिन दोनों में से किसी को ये नहीं सूझा कि झंडा सीधा कर दें.
योगी और गिरिराज की ये तस्वीर काफी वायरल हो रही है.
योगी और गिरिराज की ये तस्वीर काफी वायरल हो रही है.

 
तिरंगे में केसरिया रंग वाली पट्टी ऊपर की तरफ होती है. बीच में सफेद पट्टी होती है, जिसपर अशोक चक्र बना होता है. निचले हिस्से में हरे रंग की पट्टी होती है.
तिरंगे में केसरिया रंग वाली पट्टी ऊपर की तरफ होती है. बीच में सफेद पट्टी होती है, जिस पर अशोक चक्र बना होता है. निचले हिस्से में हरे रंग की पट्टी होती है. लाल रंग के गोल घेरे में देखिए. तिरंगे का हरा हिस्सा ऊपर की तरफ है. साथ में मॉरीशस का झंडा भी रखा है. 

ये फोटो कब की है? ये तस्वीर नवंबर 2017 में काफी वायरल हुई थी. हमें 3 नवंबर, 2017 का एक पोस्ट दिखा. वहां ये फोटो नजर आई. उस पोस्ट पर लिखा टेक्स्ट और अभी वायरल हो रही इस फोटो का टेक्स्ट 'सेम पिंच' है. यहां तक कि वर्तनी की गलतियां भी हूबहू हैं. लिखा है-
एक है UP का CM और दूसरा है केंद्र में मंत्री. ये दोनों के सामने देश का तिरंगा उल्टा रखा है और दोनों को दिख नहीं रहा. वाह देश के सपूतों वाह.
3 नवंबर, 2017 की इस पोस्ट पर 44,417 शेयर्स हैं.
ये 3 नवंबर, 2017 की पोस्ट है. इसे 44 हजार से ज्यादा लोगों ने शेयर किया है. इस फोटो को योगी ने अपने ट्विटर हैंडल से पोस्ट किया था. आलोचना के बाद वहां इसे डिलिट कर दिया गया.
ये 3 नवंबर, 2017 की पोस्ट है. इसे 44 हजार से ज्यादा लोगों ने शेयर किया है. इस फोटो को योगी ने अपने ट्विटर हैंडल से पोस्ट किया था. आलोचना के बाद वहां इसे डिलीट कर दिया गया.

पुरानी फोटो अब क्यों वायरल हो रही है? फेसबुक पर एक चीज होती है- मेमरी. आपने चार साल पहले इस दिन अगर कुछ शेयर या पोस्ट किया था, तो आज के दिन एकाएक फेसबुक आपको आपकी वो पोस्ट याद दिला देगा. शायद ऐसा ही हुआ होगा. जिस से ये शेयर हुआ होगा, उसे फेसबुक ने वो मेमरी याद दिलाई होगी. उसने दोबारा इसे शेयर कर दिया होगा. इस तरह फिर से वो पोस्ट लोगों को दिखी होगी और कई लोग शेयर करने लगे होंगे. यूं ये पोस्ट दोबारा वायरल हो गई है.
मॉरीशस में भारतीय मूल के लोगों की अच्छी-खासी तादाद है. योगी यहां के अप्रवासी घाट पहुंचे थे. वहां उन्होंने और गिरिराज सिंह ने बारी-बारी से विजिटर बुक में साइन किया. उसी समय खींची गई थी ये फोटो. झंडा लगाने में हुई गलती पर मॉरीशस की कल्चर मिनिस्टरी और अप्रवासी घाट ट्रस्ट, दोनों ने माफी मांगी थी.
मॉरीशस में भारतीय मूल के लोगों की अच्छी-खासी तादाद है. योगी यहां के अप्रवासी घाट पहुंचे थे. वहां उन्होंने और गिरिराज सिंह ने बारी-बारी से विजिटर बुक में साइन किया. उसी समय खींची गई थी ये फोटो. झंडा लगाने में हुई गलती पर मॉरीशस की कल्चर मिनिस्टरी और अप्रवासी घाट ट्रस्ट, दोनों ने माफी मांगी थी.

ये घटना क्या थी, कब हुई थी? नवंबर 2017 की बात है. योगी आदित्यनाथ तीन दिनों के दौरे पर मॉरीशस पहुंचे. साथ में थे गिरिराज सिंह. वहां एक अप्रवासी घाट है. योगी और गिरिराज वहां पहुंचे. वहां विजिटर बुक में दोनों ने साइन किया. बारी-बारी से टेबल पर बैठकर दोनों ने हस्ताक्षर किया. जिस टेबल पर विजिटर बुक रखा था, उसी पर एक तिरंगा झंडा भी रखा था. साथ में मॉरीशस का भी झंडा था. वैसे ही छोटे साइज का, जैसा अक्सर मेज वगैरह पर रखने के लिए इस्तेमाल होता है. ये जो तस्वीर वायरल हो रही है, वो उसी मौके की है. मजे की बात है कि खुद योगी आदित्यनाथ ने अपने ट्विटर हैंडल से ये फोटो पोस्ट की थी. झंडा उल्टा रखा है, इस बात योगी और गिरिराज ने भले ध्यान न दिया हो, लेकिन लोगों की नजरों से ये नहीं छूटा. योगी और गिरिराज खूब ट्रोल हुए. योगी ने अपने ट्विटर से ये फोटो डिलीट कर दी. मॉरीशस की कल्चर मिनिस्ट्री ने भी इस गलती के लिए माफी मांगी. झंडा उल्टा लगाना झंडे का अपमान समझा जाता है.


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