आखिर मोजतबा खामेनेई हैं कहां? जिंदा हैं भी या नहीं? ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई को लेकर पिछले कई दिनों से ये सवाल लगातार घूम रहे थे. क्योंकि अमेरिका-ईरान की जंग के बीच उनकी कोई तस्वीर सामने नहीं आई, कोई वीडियो मैसेज नहीं आया. कई बार उनकी मौत और गंभीर रूप से घायल होने तक की खबरें और अटकलें सामने आती रहीं.
मोजतबा खामेनेई के जिंदा होने का सबूत Telegram पर?
Mojtaba khamenei Telegram message: मोजतबा खामेनेई के Telegram चैनल पर 28 सितंबर को एक मैसेज जारी हुआ. मैसेज में दावा किया गया कि ईरानी सेना ने दुश्मन की सेनाओं को दक्षिणी ईरान के समुद्री इलाके से पीछे धकेलकर अरब सागर तक पहुंचा दिया है. कहा गया कि ये मैसेज खुद खामेनेई की तरफ से जारी किया गया.

लेकिन अब अचानक ईरान की तरफ से एक ऐसा मैसेज आया है, जिसने इस पूरी कहानी को फिर से चर्चा में ला दिया है. 28 सितंबर को मोजतबा खामेनेई के Telegram चैनल पर एक मैसेज जारी हुआ.
मैसेज में क्या खामेनेई ने क्या कहा?मैसेज में दावा किया गया कि ईरानी सेना ने दुश्मन की सेनाओं को दक्षिणी ईरान के समुद्री इलाके से पीछे धकेलकर अरब सागर तक पहुंचा दिया है. और अब उन्हें अरब सागर से भी बाहर कर दिया जाएगा. यानी एक तरफ सवाल था कि मोजतबा खामेनेई जिंदा हैं या नहीं? और दूसरी तरफ अब उनके नाम से सीधे युद्ध को लेकर संदेश सामने आ रहा है.
लेकिन क्या सिर्फ इस मैसेज से उनकी मौत की खबरों पर पूरी तरह विराम लग जाता है? क्योंकि पिछले कुछ दिनों में ईरान की तरफ से उनके जिंदा होने के कई संकेत दिए गए हैं. इसी महीने यानी सितंबर 2026 में ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ब्रिक्स समिट के दौरान भारत आए थे.
इस दौरान उन्होंने इंडिया टुडे के संवाददाता से मोजतबा खामनेई के बारे में भी बातचीत की. जब उनसे सवाल पूछा गया कि क्या मोजतबा खामनेई जिंदा है? उसके जवाब में उन्होंने कहा था ‘मोजतबा खामेनेई जिंदा हैं और अपना काम कर रहे हैं.’ उन्होंने दावा किया कि अमेरिका उन्हें ढूंढ नहीं पा रहा है और इसी वजह से उनके बारे में गलत खबरें फैलाई जा रही हैं.
लिखित में संदेश मिला, मगर वीडियो मेें नहींवहीं 22 सितंबर को ईरान के सरकारी मीडिया ने मोजतबा खामेनेई के नाम से एक हाथ से लिखी चिट्ठी जारी की थी. बताया गया था कि ये चिट्ठी 1 अगस्त की है. इसे ईरान की IRGC एयरोस्पेस फोर्स के कमांडर माजिद मौसवी को लिखा गया था.
चिट्ठी में मोजतबा ने मौसवी की रिपोर्ट की तारीफ की है और सप्लाई चेन से जुड़े काम को जारी रखने की बात कही है. साथ ही उन्होंने कमांडर और उनके साथ काम करने वाले सैन्यकर्मियों की सुरक्षा का ध्यान रखने को कहा है. मतलब कि बीते दिनों में ईरान ने मोजतबा खामेनेई से जुड़ी जानकारियां साझा की हैं. उसके साथ कई उनके मैसेज को भी मीडिया से शेयर किया है. पर अभी भी ईरान ने उनका कोई ऑडियो और वीडियो मैसेज नहीं जारी किया है.
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ऐसे में सवाल सिर्फ ये नहीं है कि मोजतबा खामेनेई जिंदा हैं या नहीं. सवाल ये भी है कि अगर वो जिंदा हैं और ईरान की सत्ता संभाल रहे हैं, तो फिर इतने दिनों से उन्हें सार्वजनिक तौर पर क्यों नहीं देखा गया? और इन तमाम सवालों के बीच अमेरिका और ईरान के बीच जंग की स्थिति कहां पहुंची है? क्या बातचीत की कोई गुंजाइश बची है, या फिर दोनों देश एक बार फिर बड़े सैन्य टकराव की तरफ बढ़ रहे हैं?
कहां तक पहुंची अमेरिका-ईरान जंगअल जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि ईरान बातचीत और डिप्लोमेसी के लिए तैयार है. लेकिन अमेरिका अगर फिर हमला करता है, तो ईरान उसका मुकाबला करने के लिए भी तैयार है. भले ही इससे भयानक वॉर क्यों न शुरू हो जाए.
उधर अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप का कहना है कि अमेरिका और ईरान के बीच इस हफ्ते और बातचीत हो सकती है. उन्होंने दावा किया कि अमेरिका ये जंग बहुत जल्द जीतने वाला है. ईरान ने ये भी दावा किया था कि उसकी सेना ने होर्मुज में अमेरिका का एक एडवांस्ड अंडरवॉटर ड्रोन कब्जे में ले लिया है. लेकिन अमेरिकी सेना ने इस दावे को खारिज कर दिया है.
इस स्थिति को हम पहले भी कई बार देख चुके है. एक तरफ ईरान बातचीत की बात कर रहा है, लेकिन साथ ही अमेरिका के किसी नए हमले का जवाब देने की चेतावनी भी दे रहा है. दूसरी तरफ, अमेरिका भी बातचीत की संभावना जता रहा है. लेकिन ट्रंप युद्ध में जीत का दावा भी कर रहे हैं. मतलब कोई फाइनल कनकलूजन नहीं निकल पाया है.
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