और क्या कहा रामदेव ने? रामदेव इतने पर ही नहीं रुके. उन्होंने कहा कि 'ये गुनाह की पराकाष्ठा थी. आपने सिर्फ संदेह के आधार पर एक शख्स को गिरफ्तार कर लिया. और नौ साल तक उसे शारीरिक व मानसिक प्रताड़ना दी. उन्हें जिस तनाव से गुजरना पड़ा उससे वे शारीरिक रूप से कमजोर और कैंसर से प्रभावित हो गईं. वे आतंकवादी नहीं, बल्कि राष्ट्रवादी महिला हैं.'
मालेगांव बम धमाकों की आरोपी प्रज्ञा ठाकुर ने 26/11 आतंकी हमले में शहीद मुंबई एटीएस के चीफ रहे हेमंत करकरे पर आपत्तिजनक बयान दिया था. उन्होंने कहा था कि हेमंत करकरे की मौत उनके 'शाप' की वजह से हुई थी. इस बार में जब रामदेव से सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि हमें महिला के प्रति कुछ संवेदना दिखानी चाहिए. और उस व्यथा और कड़वाहट को समझने की कोशिश करनी चाहिए, जिसकी वजह से उन्होंने ऐसा बयान दिया होगा.

स्वामी रामदेव भाजपा के करीब माने जाते हैं. फाइल फोटो.
प्रचार के सवाल को टाल दिया पत्रकारों ने रामदेव से जब ये पूछा कि क्या वो भोपाल जाकर प्रज्ञा ठाकुर का प्रचार करेंगे, तो उन्होंने कहा, 'मैंने आपसे जो कहा, वो आपको सुर्खियां देने के लिये पर्याप्त हैं. कृपया इससे संतुष्ट रहें.'रामदेव ने कहा कि आम तौर पर वे नामांकन पत्र दाखिल करने के दौरान नेताओं के साथ नहीं रहते. लेकिन रविशंकर प्रसाद के लिए यहां आए हैं. क्योंकि उन्हें वे पाटलिपुत्र के लिए मंगलकारी मानते हैं, जैसे मोदी देश के लिए हैं.
मोदी के लिए क्या कहा? प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ करते हुए योग गुरु ने कहा, 'मोदी का सिर्फ एक एजेंडा है, भारत को महाशक्ति बनाना. इस लक्ष्य की पूर्ति के लिए वे रोजाना 16-20 घंटा काम करते हैं. और उनका दिमाग एक तरफ केंद्रित है, क्योंकि उनका कोई परिवार नहीं है न ही कोई अन्य भटकाव.'
राहुल गांधी के सवाल पर क्या बोले? राहुल गांधी के संबंध में पूछने पर रामदेव ने कहा कि मैं नहीं चाहता हूं कि देश में एक दलीय लोकतंत्र हो. विपक्ष के लिए भी मौका होना चाहिए. फिर भी मुझे कहना पड़ेगा कि इस वक्त मोदी एक पहाड़ की तरह दिखाई देते हैं, जिनके सामने दूसरे सभी दल बौने नजर आते हैं.
प्रियंका के चुनाव न लड़ने पर क्या कहा? इस सवाल पर कि कांग्रेस ने प्रियंका गांधी को वाराणी से चुनाव मैदान में क्यों नहीं उतारा, रामदेव ने कहा कि अगर वे चुनाव लड़तीं तो दिलचस्प मुकाबला होता. मायावती और अखिलेश को भी अपनी ताकत उनके पीछे लगानी चाहिए थी. ऐसा तो ऐतिहासिक मुकाबला होता. पर ये दुखद रहा हम लोग एक बेहतरीन चुनावी मुकाबले से वंचित रह गए. मीडिया को भी 20-20 मैच का रोमांच मिलता.
वीडियोः व्हील चेयर से नामांकन करने जाने वाली प्रज्ञा ठाकुर का डांस करते वीडियो वायरल












