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"स्टार क्रिकेटर चुप क्यों"- धरने पर बैठे पहलवानों के ये सवाल बहुत लोगों को चुभ जाएंगे!

"क्या ये क्रिकेटर सिस्टम से डरते हैं?"

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पहलवानों का प्रदर्शन जारी है. (फोटो- ट्विटर)

रेसलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (WFI) के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह (Brijbhushan singh) के खिलाफ पहलवानों का धरना (Wrestlers protest against WFI president) प्रदर्शन जारी है. अब पहलवानों ने ‘स्टार क्रिकेटर्स’ और बाकी खेलों से जुड़े खिलाड़ियों द्वारा उनका समर्थन न किए जाने पर सवाल खड़े किए हैं. पहलवान विनेश फोगाट (Vinesh Phogat) ने कहा है कि उन्हें ये देखकर पीड़ा हुई है कि स्टार क्रिकेटर्स और दूसरे शीर्ष खिलाड़ी इस बात पर चुप्पी साधे हुए हैं.

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विनेश फोगाट ने कहा कि उन्हें ये देखकर दुख हुआ है कि स्टार क्रिकेटर्स और दूसरे शीर्ष खिलाड़ियों में सत्ता से सवाल पूछने का साहस नहीं है. इंडियन एक्सप्रेस को दिए इंटरव्यू में विनेश ने बताया कि पूरा देश क्रिकेट को पूजता है, लेकिन किसी भी क्रिकेटर ने उनके मुद्दे पर बात नहीं की. विनेश ने आगे कहा कि वो ये नहीं चाहतीं कि कोई उनके पक्ष में बोले, लेकिन कम से कम एक निष्पक्ष संदेश तो दिया जा सकता है. उन्होंने क्रिकेट, बैडमिंटन, एथलेटिक्स और बॉक्सिंग सहित सभी खिलाड़ियों के बारे में ये बात की.

विनेश ने अमेरिका के ब्लैक लाइव्स मैटर (BLM) मूवमेंट का उदाहरण दिया और कहा कि दुनियाभर के खिलाड़ियों ने नस्लवाद और भेदभाव से लड़ाई में साथ दिया था. उन्होंने कहा कि ऐसा भी नहीं है कि हमारे देश में बड़े खिलाड़ी नहीं हैं. अमेरिका में ब्लैक लाइव्स मैटर मूवमेंट के दौरान उन्होंने अपना समर्थन दिया था, क्या हम इतनी भी उम्मीद नहीं कर सकते हैं?

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विनेश ने ये भी कहा कि उन्होंने और बजरंग पूनिया ने खिलाड़ियों से समर्थन के लिए पत्र लिखे हैं, वीडियोज भी पोस्ट किए हैं. विनेश ने आगे कहा कि सभी खिलाड़ी हमें बधाई देने आते हैं, जब हम कोई मेडल जीतते हैं. यहां तक क्रिकेटर्स भी ट्वीट करते हैं. विनेश ने सवाल खड़ा करते हुए कहा कि अब क्या हो गया? क्या ये लोग सिस्टम से डरते हैं? उनकी दाल में भी काला है, ये मान के चलें हम?

खाप नेता समर्थन में

इधर हरियाणा की कई खाप पंचायतों, महिला संगठनों और संयुक्त किसान मोर्चा के नेता 27 अप्रैल को नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर पहलवानों के विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए. हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, जींद की प्रसिद्ध कंडेला खाप के अध्यक्ष ओम प्रकाश कंडेला ने कहा कि पहलवान पूरे देश के होते हैं. पहलवान की कोई जाति, धर्म और क्षेत्र नहीं होता. वहीं फोगाट खाप के प्रमुख बलवंत नंबरदार ने कहा कि हरियाणा की खाप बड़ी संख्या में दिल्ली पहुंचेंगी और पहलवानों का समर्थन करेंगी.

संयुक्त किसान मोर्चा के नेता अभिमन्यु कुहार ने कहा कि उन्होंने 28 अप्रैल को एक बैठक बुलाई है. कुहार ने कहा कि वो पहलवानों को समर्थन देंगे. उन्होंने कहा,

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“किसान आंदोलन के दौरान पहलवानों ने हमारा समर्थन किया था, अब किसान समुदाय पहलवानों के साथ एकजुटता से खड़ा है.”

इधर, भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान कपिल देव ने 27 अप्रैल को पहलवानों के समर्थन में सोशल मीडिया पर एक फोटो पोस्ट की. उन्होंने तीनों पहलवानों की एक फोटो पोस्ट कर कैप्शन लिखा कि क्या इन्हें कभी न्याय मिलेगा?

पीटी उषा ने आलोचना की, साक्षी मलिक ने जवाब दिया

भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) की प्रमुख पीटी उषा ने पहलवानों के सार्वजनिक विरोध के कड़ी आलोचना की है. पीटी उषा ने कहा कि खिलाड़ियों को सड़कों पर नहीं करना चाहिए था. उषा ने बताया कि पहलवानों को कम से कम कमेटी की रिपोर्ट का इंतजार करना चाहिए था. उन्होंने जो किया है वो खेल और देश के लिए अच्छा नहीं है.

पीटी उषा के इस बयान के बाद पहलवान साक्षी मलिक ने कहा कि उषा के इस बयान से हम आहत हैं. मलिक ने कहा कि एक महिला होने के बावजूद वो हमारा समर्थन नहीं कर रही है. मलिक ने सवाल किया कि हम लोगों ने कौन सी अनुशासनहीनता की है? हम यहां शांति से बैठे हैं, अगर हमें न्याय मिलता तो हम ऐसा नहीं करते.

वीडियो: दी लल्लनटॉप शो: पहलवान और बृजभूषण सिंह का विवाद भारतीय पहलवानी को कितना नुकसान पहुंचाएगा?

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