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'तिरंगे के लिए खेला...', पहलवान बजरंग पुनिया ने चिट्ठी में क्या लिखा जो वायरल हो रही?

बजरंग पूनिया WFI अध्यक्ष और बीजेपी सांसद बृजभूषण शरण सिंह पर यौन शोषण का आरोप लगाने वाली महिला एथलीटों के साथ एक बार फिर धरने पर बैठ गए हैं.

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विनेश फोगाट, बजरंग पूनिया और साक्षी मलिक (फोटो: PTI)

रेसलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (WFI) के प्रेसिडेंट और BJP सांसद बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ कई पहलवान एक बार फिर धरने पर बैठे हैं. 23 अप्रैल को विनेश फोगाट, साक्षी मलिक और बजरंग पूनिया के साथ धरने पर बैठे पहलवानों ने मीडिया से बात की. उन्होंने ऐलान किया कि जब तक इस मामले में FIR नहीं दर्ज होती, तब तक वे जंतर मंतर पर धरना देंगे. पहलवानों की ओर से WFI प्रेसिडेंट पर यौन उत्पीड़न सहित कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं. सोमवार, 24 अप्रैल को विनेश फोगाट, साक्षी मलिक और अन्य महिला पहलवानों की ओर से इस मामले पर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई है. इसी बीच बजरंग पूनिया की अपील भी वायरल हो रही है.

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इंडिया टुडे की सृष्टि ओझा की रिपोर्ट के मुताबिक सुप्रीम कोर्ट में दर्ज याचिका में आरोप लगाया गया है कि बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ FIR दर्ज करने में देरी की जा रही है. याचिका में FIR दर्ज करने के लिए दिल्ली पुलिस कमिश्नर को निर्देश देने की अपील की गई है. सुप्रीम कोर्ट (SC) ने कहा कि 25 अप्रैल की कोर्ट प्रोसिडिंग के दौरान मामला उसके समाने उठाया जाए.

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खिलाड़ियों के नाम बजरंग पूनिया का खत

वहीं बजरंग पूनिया ने इस मामले पर सभी खिलाड़ियों के नाम एक खत जारी किया है. इसमें उन्होंने सभी खिलाड़ियों से साथ देने की अपील की है. बजरंग पूनिया ने ट्वीट किया,

"एक पत्र मेरे सभी खिलाड़ी साथियों के नाम,

आप सभी साथियों से उम्मीद है कि आप मेरे इस पत्र को पढ़ेंगे और पीड़िताओं के साथ खड़े होंगे."

खिलाड़ियों के नाम खत में बजरंग पूनिया ने लिखा,

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"मेरे सभी अंतरराष्ट्रीय/राष्ट्रीय खिलाड़ी साथियो,

हम सभी ने अलग-अलग खेलों में अंतरराष्ट्रीय मंचों पर देश के तिरंगे के लिए खेला है और सभी देशवासियों के साथ से अनेकों पदक जीते हैं. आज कुश्ती के खिलाड़ियों को आपके साथ की जरूरत है. आज हमारी महिला खिलाड़ियों के साथ यौन शोषण करने वाले के खिलाफ एक FIR तक दर्ज नहीं हो रही है, जबकि एक महिला खिलाड़ी 16 साल से भी कम उम्र की है.

आज यह हमारे खेल में हो रहा है, लेकिन हम चाहते हैं कि यह किसी भी खिलाड़ी और देश की किसी भी महिला के साथ न हो, इसलिए हम आंदोलित हैं.

आप सभी खिलाड़ियों से उम्मीद है कि महिला खिलाड़ियों को न्याय दिलवाने के लिए आप सभी आगे आएंगे. जो जंतर मंतर पर आ सकते हैं, वह यहां पहुंचे. जो साथी अपने कैंपों में प्रैक्टिस कर रहे हैं, वे कम से कम न्याय के लिए लिखें, बोलें और पीड़िताओं के साथ खड़े हों."

जनवरी में शुरु हुआ विवाद

बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ पहलवानों ने इस साल जनवरी में यौन शोषण, मनमानी, अपशब्दों का इस्तेमाल, मानसिक प्रताड़ना और धमकी देने के आरोप लगाए थे. वहीं पहलवानों के आरोपों को बृजभूषण सिंह नकारते रहे हैं. आजतक की रिपोर्ट के मुताबिक उन्होंने जनवरी 2023 में कहा था कि उनके खिलाफ प्लानिंग करके आरोप लगाए गए हैं.

जनवरी में जब पहलवान धरने पर बैठे थे, तब खेल मंत्रालय ने पहलवानों से बात कर जांच कमिटी बनाई थी. इसके बाद पहलवानों ने धरना खत्म कर दिया था. अब 23 अप्रैल से दोबारा धरने पर बैठे पहलवानों का कहना है कि सरकार की ओर से दिया गया आश्वासन झूठा निकला, इसलिए वे फिर से धरना दे रहे हैं.

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वीडियो: पहलवान अब भी गुस्से में, सरकार से बात में क्या हुआ? बृजभूषण शरण सिंह ने क्या चेतावनी दी?

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