उन्हें 'पोर्टिको' नाम की एक एजेंसी के लंदन ऑफिस में रिसेप्शनिस्ट की नौकरी मिली थी. ऑफिस वालों ने निकोला को फ्लैट चप्पल में देखकर ड्रेस कोड थमा दिया. उसमें लिखा था कि महिला इम्पलॉई को 2 से 4 इंच की हील्स पहननी होंगी - 'या तो हील्स पहनो या घर जाओ'. निकोला ने जबर्दस्ती हील्स पहनने से मना कर दिया.ऑफिस में हील्स चप्पल की जगह फ्लैट चप्पल पहनकर चली गई थीं.

निकोला थॉर्प. Photo source- ADAM GRAY/SWNS
बेसिर-पैर के नियम मानने की जगह निकोला ने ऑफिस में हाई हील्स पहनने को गैरकानूनी बनवाने के लिए पिटीशन डाल दी. ब्रिटेन में पिटीशन डालने के लिए उसके समर्थन में कम से कम 10 हजार सिग्नेचर की जरूरत होती है. निकोला ने मुहिम चलाई और उसे मिल गए कुल 1.52 लाख से ज्यादा सिग्नेचर.
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निकोला को मिले इतने ज्यादा समर्थन के दबाव में ब्रिटिश संसद को जांच के लिए एक कमिटी बनानी पड़ी. जांच का पूरा ब्यौरा जनवरी 2017 के तीसरे हफ्ते में पब्लिश हुआ. ये जांच कहती है कि जेंडर रूल सिर्फ हाई हील में ही नहीं हैं, बालों को कलर करने, झीने कपड़े पहनने और मेकअप को लेकर भी हैं. इन्हें लेकर ऑफिस की नुक्ताचीनी के मामले भी रिपोर्ट किए गए हैं.

निकोला ने हाई हील पहनने के कोड को बंद करवा दिया
निकोला मामले में फैसले के बाद पोर्टिको ने अपनी ये हाई हील्स वाली नीति हटा ली है. लेकिन निकोला यहीं नहीं रुकती हैं. उन्होंने कंपनी के मेकअप से जुड़े कोड को बंद करवाने के लिए जद्दोजहद शुरू कर दी है.
स्विट्जरलैंड के बैंक USB ने तो 40 पेज से भी ज्यादा का ड्रेस कोड बना डाला है. औरतों के लिए भी, मर्दों के लिए भी. उसमें एक कोड ये भी है कि औरतों को स्किन कलर का अंडरवियर पहनना होगा. इसके ख़िलाफ़ लोगों में बहुत गुस्सा है.
तो ये हाल है. इन ऑफिस वालों को पकड़कर पूछना चाहिए, काहे जी ? क्या समस्या है? कोई बादामी नाखूनी, काला-नीला सूट और चार इंच की खडाऊं पहनकर नहीं आता तो क्या काम नहीं हो पाता. ड्रेस-व्रेस कोड ठीक है, एक हद तक हो, पर ये क्या कि आप किसी के सिर पर सवार हो जाएं? नहीं हमको बताओ क्या होता है? कंप्यूटर काम करना बंद कर देते हैं? ऑफिस की कॉफी मशीन नहीं चलती या क्लाइंट आने बंद हो जाते हैं अगर कोई आपके चालीस-चालीस पन्नों के ड्रेसकोड से एक डिग्री हिल जाता है?
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