मैंने शिकायत की है. कहीं-कहीं अमरोहा के गांवों में फर्जी वोट डाले जा रहे हैं. पुरुष बुर्का पहन के वोट डाल रहे हैं. अभी हमने एक को पकड़ा है. फोर्स की भी कमी है, कोई चेक नहीं कर रहा है. पकड़ लिया है एक को. वो थाने के अंदर है.कंवर सिंह तंवर का दावा गलत था. डीएम समेत सभी बड़े अधिकारियों ने ऐसी कोई भी घटना होने से इनकार किया था. लेकिन इससे मिलता-जुलता एक मामला ज़रूर सामने आया है. ये मामला अमरोहा के पिपलौती कलां गांव का है. यहां एक महिला पकड़ी गई है. इस महिला ने बुर्का पहनकर फर्ज़ी वोटिंग करने की कोशिश की, लेकिन पोलिंग पार्टी ने मुस्तैदी दिखाई और उसे मंसूबों पर पानी फेर दिया. और तो और जिसका वोट डालने पहुंची थी, उसके बारे में जानकर आपका सर चकरा जाएगा. दरअसल, महिला अपनी सौतन की जगह वोट करने पहुंची थी. उससे भी बड़ी बात ये कि सौतन मर चुकी है. सौतन की मौत पहले ही हो चुकी है. यानी मर चुके शख़्स के नाम पर वोट डालने की कोशिश की जा रही थी. कैसा पकड़ा गड़बड़झाला पिपलौती कलां की रहने वाली महरूल निशा दोबारा बुर्का पहन कर आई थी. दोबारा इसलिए, क्योंकि अपने हिस्से की वोटिंग पहले ही कर चुकी थी. तो ज़ाहिर है उसकी उंगली पर स्याही का निशान होगा ही. अब ऐसी गलती भी कोई करता है भला. खैर, जब बूथ पर ये खबर उड़ी तो हंगामा होना लाज़मी था. पुलिस मौके पर पहुंची और महिला को पकड़ कर थाने ले गई. ताजा जानकारी के मुताबिक महिला पर केस दर्ज कर लिया गया है.
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