चुनाव आयोग (ECI) ने 16 अगस्त को जम्मू-कश्मीर और हरियाणा में होने वाले विधानसभा चुनाव की तारीखों का एलान कर दिया (ECI announced Haryana and J&K elections). जम्मू-कश्मीर में तीन चरणों में चुनाव कराया जाएगा. वहीं हरियाणा में विधानसभा चुनाव 1 अक्टूबर को होगा. दोनों ही राज्यों में वोटों की गिनती 4 अक्टूबर को होगी. सबको महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के शेड्यूल का भी इंतजार था. लेकिन चुनाव आयोग ने घोषणा नहीं की. सवाल उठा कि महाराष्ट्र चुनाव का एलान क्यों नहीं हुआ और ऐसा कब किया जाएगा.
महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव की घोषणा क्यों नहीं की? ECI ने 'विशेषाधिकार' याद दिला दिया
सबको महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के शेड्यूल का भी इंतजार था. लेकिन चुनाव आयोग ने घोषणा नहीं की. सवाल उठा कि महाराष्ट्र चुनाव का एलान क्यों नहीं हुआ और ऐसा कब किया जाएगा.


चुनाव आयोग ने इसके कई कारण गिनाए. इंडिया टुडे से जुड़े संवाददाता संजय शर्मा ने चुनाव आयोग की प्रेस कॉन्फ्रेंस में सवाल किया कि महाराष्ट्र के चुनाव की तारीखों का एलान क्यों नहीं किया गया? इसका जवाब देते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने कहा,
“महाराष्ट्र और हरियाणा में पहले एक साथ (चुनाव हुए) थे. उस वक्त जम्मू-कश्मीर अस्तित्व में नहीं था. लेकिन अब मौजूद है. सुरक्षाबलों की उपलब्धता और आवाजाही को ध्यान में रखते हुए, हमने दो राज्यों (हरियाणा और जम्मू-कश्मीर) में एक साथ चुनाव कराने का लक्ष्य रखा है.”
चुनाव आयोग ने महाराष्ट्र में चुनाव देर से कराने की बात पर मानसून का जिक्र भी किया. आयोग ने बताया,
“महाराष्ट्र में मानसून चल रहा है और वोटर लिस्ट का काम भी बाकी है. इस बीच बारिश, पितृ पक्ष, दिवाली, गणेश चतुर्थी आदि भी हैं… तो वहां चुनाव बाद में कराए जाएंगे.”
फिर आयोग ने ये भी कहा,
उपचुनाव पर क्या बताया?"वैसे भी आयोग को ये विशेषाधिकार प्राप्त है कि वो अगला चुनाव विधानसभा का कार्यकाल पूरा होने से छह महीने पहले करा सकता है."
उपचुनाव को लेकर आयोग ने बताया कि 47 सीटों पर उपचुनाव होने हैं. 46 विधानसभा और वायनाड की एक लोकसभा सीट है. वायनाड में प्राकृतिक आपदा आई है. कुछ राज्यों में मानसून सक्रिय है. मौसम और परिस्थितियां अनुकूल होते ही यहां पर समय अनुसार चुनाव कराए जाएंगे. आयोग ने बताया कि छह महीनों की अंदर ही इन सभी सीटों पर चुनाव करा दिए जाएंगे.
बता दें कि चुनाव आयोग ने जम्मू-कश्मीर में तीन फेज़ में चुनाव कराने का निर्णय लिया है. यहां 18 सितंबर, 25 सितंबर और 1 अक्टूबर को वोटिंग कराई जाएगी. हरियाणा में विधानसभा चुनाव 1 अक्टूबर को होगा. दोनों ही राज्यों में वोटों की गिनती 4 अक्टूबर को होगी.
हरियाणा में 90 सीटों पर विधानसभा चुनाव होना है. इनमें से 73 सीटें जनरल हैं और 17 सीटें अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित हैं. वहीं जम्मू-कश्मीर में भी 90 सीटों के लिए चुनाव होगा. इनमें से 74 सीटें जनरल हैं. 16 सीटों को रिजर्व्ड रखा गया है. इनमें 8 सीटें अनुसूचित जनजाति और 7 सीटें अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित हैं.
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