किसी ने कहा था, “Only the dead have seen the end of war.”
इज़रायल-हमास संघर्ष में अब तक कितने पत्रकारों की जान गई? किन संस्थानों से जुड़े थे?
इज़रायल और हमास के बीच संघर्ष में अब तक कई पत्रकारों की मौत हो चुकी है.


माने, “युद्ध केवल मरने वालों के लिए खत्म होता है.”
इज़रायल और हमास (Israel-Hamas Conflict) के बीच चल रहे संघर्ष में 4 हजार से ज्यादा लोग अपनी जान गंवा चुके हैं. इनमें इजरायल के नागरिक, हमास के चरमपंथी और गाजा पट्टी में रहने वाले लोग शामिल हैं. लेकिन मौत ने इनके साथ कुछ और लोगों के लिए भी युद्ध खत्म कर दिया. इनमें 12 पत्रकार भी शामिल हैं. दुनिया को युद्ध के जमीनी हालत दिखाने की कोशिश में इनकी जिंदगी चली गई.
Committee to Protect Journalists ने मरने वाले पत्रकारों का आंकड़ा जारी किया है. उसने बताया कि 16 अक्टूबर तक इज़रायल और हमास के बीच संघर्ष में 12 पत्रकारों की मौत हो चुकी है. इनमें 10 फिलिस्तीनी, एक इज़रायली, और एक लेबनान का पत्रकार शामिल है. ये पत्रकार कौन थे और किस संस्थान से जुड़े थे, जानते हैं.
7 अक्टूबर, 2023यानिव ज़ोहर
इज़रायली-हिब्रू भाषा के समाचार पत्र ‘इज़रायल हयोम’ के लिए काम करते थे. यानिव अखबार के लिए फोटोग्राफर के तौर पर काम कर रहे थे. उनकी मौत दक्षिणी इज़रायल के किबुतज़ नाहल में हुई. इज़रायल हयोम और इज़रायल न्यूज के मुताबिक ज़ोहर अपने पीछे पत्नी और दो बेटियों को छोड़ गए हैं.

मोहम्मद अल-साल्ही
अल-साल्ही न्यूज एजेंसी फोर्थ अथॉरिटी में फोटो जर्नलिस्ट थे. उनकी मौत गाजा पट्टी के पास एक रिफ्यूजी कैंप के पास हुई थी. वो उस दिन अपनी संस्थान के लिए काम के दौरान ग्राउंड पर मौजूद थे.

मोहम्मद जारघोन
मोहम्मद जारघोन, स्मार्ट मीडिया नाम के एक संस्थान के लिए काम करते थे. गाजा पट्टी के दक्षिणी छोर पर पड़ने वाले राफ़ा शहर में एक संघर्ष के दौरान रिपोर्टिंग करते हुए उन्हें गोली लग गई थी.
इब्राहिम मोहम्मद लफी
इब्राहिम मोहम्मद लफी ‘ऐन मीडिया’ नाम की कंपनी के लिए फोटोग्राफर का काम कर रहे थे. गाजा पट्टी में पड़ने वाली इरेज़ क्रॉसिंग पर उनकी गोली मारकर हत्या कर दी गई.
असद शामलाख
शामलाख एक फ्रीलांस जर्नलिस्ट के तौर पर काम कर रहे थे. 8 अक्टूबर के दिन वो शेख इज़लिन में एक परिवार के घर पर मौजूद थे. लहां इज़रायली एयर स्ट्राइक से परिवार के नौ सदस्यों सहित शामलाख की भी मौत हो गई.
सईद अल-तवील
अल खम्सा न्यूज वेबसाइट के प्रधान संपादक अल-तवील की मौत 9 अक्टूबर को हुई. पश्चिमी गाजा के रिमल में कई मीडिया हाउस के ऑफिस मौजूद हैं. इसी इलाके में इज़रायल की एयर स्ट्राइक हुई. इसमें तवील की मौत हो गई.
मोहम्मद सोभ
सोभ, खबर न्यूज के लिए काम करते थे. सोभ की मौत भी रिमल इलाके में हुई. जहां इज़रायल ने एयर स्ट्राइक की थी.
हिशाम अलनवाझा
अलनवाझा भी खबर न्यूज एजेंसी के लिए काम करते थे. उनकी भी मौत रिमल इलाके में की गई एयर स्ट्राइक में हुई.
मोहम्मद फ़ैज़ अबू मतर
अबू मतर एक फ्रीलांस फोटो जर्नलिस्ट थे. दक्षिणी गाजा पट्टी के राफा शहर में एक इज़रायली एयर स्ट्राइक में उनकी मौत हो गई थी.
अहमद शेहाब
सोवत अल असरा रोडियो के लिए काम करने वाले शेहाब की मौत उत्तरी गाजा पट्टी में पड़ने वाले जबालिया इलाके में हुई थी. शेहाब अपनी पत्नी और तीन बच्चों के साथ अपने घर पर मौजूद थे. तभी एक इज़रायली एयर स्ट्राइक में सभी की जान चली गई.
13 अक्टूबर, 2023हुसाम मुबारक
हुसाम मुबारक हमास के अल अक्सा रेडियो के लिए काम करते थे. उत्तरी गाजा पट्टी में इज़रायली हवाई हमले में उनकी मौत हो गई थी.
इस्साम अब्दुल्ला
अब्दुल्ला रॉयटर्स न्यूज एजेंसी के बेरूत स्थित वीडियोग्राफर थे. उनकी मौत लेबनान बॉर्डर पर इज़रायली स्ट्राइक में हुई. वो अपने साथी पत्रकारों के साथ अल शाब में हो रही गोलाबारी को कवर रहे थे.
(ये भी पढ़ें: इजरायल-हमास युद्ध के चलते 6 साल के बच्चे की हत्या, आरोपी बोला- “मुसलमानों को मरना होगा”)
वीडियो: Israel-Hamas War के बीच Gaza के लोगों का खाना, पानी...बस खत्म!











.webp?width=275)




.webp?width=120)
.webp?width=120)

