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इजरायल का हमास पर बड़ा हमला, कमांडर अल‑हबील और राजियाना की मौत, गाज़ा में खलबली

इज़रायल ने हमास और इस्लामिक जिहाद के वरिष्ठ कमांडरों को निशाना बनाते हुए गाज़ा में बड़े एयरस्ट्राइक किए, जिससे युद्धविराम के बावजूद हिंसा तेज़ हो गई। नोआ मार्सियानो की हत्या के बदले में यह कार्रवाई इज़रायली न्याय का प्रतीक मानी जा रही है।

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इजरायल ने गाजा-हमास ब्रिगेड के दो कमांडरों को मारा

इजरायल–गाजा सीमा पर युद्धविराम के बावजूद हिंसा फिर से तेज हो गई है. इजरायली एयरस्ट्राइक और टैंक शेलिंग में 2 और 4 फरवरी को कम से कम 20-24 लोग मारे गए, जिनमें कई महिलाएं और बच्चे शामिल हैं. सुरक्षा बलों का कहना है कि यह कार्रवाई उन हमलों का जवाब है जिसमें गाजा से इजरायली सैनिकों को निशाना बनाया गया था. यह सीजफायर के देर तक जारी रहने की कोशिशों के बीच हुआ है, लेकिन सीजफायर बार‑बार टूट रहा है और रक्षा अधिकारियों के मुताबिक आतंकियों के निशाने अभी भी मौजूद हैं.

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एक ही समय में इजरायली सेना और सुरक्षा एजेंसी शिन बेट ने एक बड़ा अभियान चलाकर हमास के कमांडर मुहम्मद इस्साम हसन अल‑हबील को “खत्म” कर दिया है. अल‑हबील पर 7 अक्टूबर 2023 में बंधक बनाई गई इजरायली सैनिक नोआ मार्सियानो की बेरहमी से हत्या का आरोप था. अल‑हबील की मौत के साथ ही हमास और इस्लामिक जिहाद के नेटवर्क में खलबली का माहौल है.

क्या है हालिया कार्रवाई?

समाचार एजेंसी एपी के मुताबिक इजरायली सेना का कहना है कि अल‑हबील को निशाना बनाना सीजफायर उल्लंघन का जवाब है. नोआ मार्सियानो, जो इजरायली सेना में एक कॉर्पोरल थीं, को 7 अक्टूबर के हमास के हमले के दौरान अगवा किया गया था और बाद में उनकी हत्या की खबर ने इज़रायल में भारी आक्रोश पैदा किया था. युद्ध के इतने समय बाद भी उसके हत्यारों में शामिल कमांडर का सफाया करना इजरायली पक्ष के लिए एक “न्याय” का प्रतीक बताया गया है.

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हमास भी अपने बयान में कह चुका है कि इज़रायली हत्याएं सीज़फायर की शर्तों का उल्लंघन हैं और इसने अपने कई वरिष्ठ कमांडरों की मौतों की पुष्टि की है. न्यूज़ एजेंसियों की रिपोर्ट के अनुसार दिसंबर 2025 में एक और वरिष्ठ कमांडर राएद साद की मौत की पुष्टि हुई थी, जिसे हमास ने अपने वरिष्ठ नेता के रूप में पहचाना था और इस घटना के बाद संघर्ष विराम समझौते पर प्रश्न चिन्ह उठ गया था.

संघर्ष की पृष्ठभूमि: पिछले दो साल में क्या हुआ?

2023 के 7 अक्टूबर के हमास के ओवरआर्चे स्ट्राइक के बाद इजरायल और हमास के बीच जवाबी कार्रवाई शुरू हुई, और यह संघर्ष धीरे‑धीरे एक बड़े युद्ध में बदल गया. दोनों पक्षों में से कई वरिष्ठ कमांडर मारे गए हैं. उदाहरण के लिए, 2024 और 2025 में हमास के कई लीडर जैसे मुहम्मद सिनवार, अबु ओबइदा, सालेह अल‑अरूरी सहित कई अन्य शीर्ष नेताओं को हटा दिया गया या उनकी मौत की पुष्टि की गई है.

इजरायल का दावा रहा है कि वह हमास की सैन्य संरचना को नष्ट करना चाहता है, जबकि हमास और उसके समर्थकों ने इसे सीजफायर और अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन कहा है. इसी बीच, अमेरिकी मध्यस्थता से संघर्ष विराम की विभिन्न परतें सामने आईं, लेकिन छोटी‑छोटी टकराहटें निरंतर बनी रहीं.

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इस संघर्ष में सिविलियन आबादी को भारी नुकसान उठाना पड़ा है. समाचार एजेंसियों के अनुसार, अक्टूबर 2023 के बाद से अब तक हजारों गाजा निवासी, खासकर महिलाएं और बच्चे, हवाई हमलों और गोलाबारी में मारे गए हैं. स्वास्थ्य विभाग द्वारा प्रकाशित आंकड़ों में यह दावा किया गया है कि लगभग 70,000 लोग मारे चुके हैं. इसी तरह, इजरायली पक्ष ने भी कई सैनिक और नागरिक खोए हैं.

यह सभी घटनाएं क्यों मायने रखती हैं

अमेरिकी दावों के विपरीत इजरायल-हमास के बीच  सीजफायर अक्सर टूट रहा है, हर बार थोड़ी शांति दिखती है, लेकिन फिर किसी बिंदु पर टकराव फैल जाता है, जिससे दोनों तरफ फिर से हमले होने लगते हैं.

वरिष्ठ कमांडरों की मौत का असर: हमारी दुनिया में ऐसा देखा गया है कि बड़े नेताओं की मौत संघर्ष के गतिरोध को और गहरा कर देती है, क्योंकि संगठन फिर से नेतृत्व ढूंढते हैं और रणनीति बदलते हैं.

नागरिकों को जानमाल का नुकसानि: दोनों तरफ के नागरिक भारी नुकसान झेल रहे हैं और अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने भी इस बात पर चिंता जताई है.

अभी हालात यह हैं कि सीजफायर ढांचा बरकरार तो दिखता है, पर हिंसा और जवाबी गतिविधियां रोजाना जारी हैं. कुल मिलाकर क्षेत्र में वास्तविक शांति अभी दूर‑दूर तक नहीं दिखती. इसीलिए आज की खबरें सिर्फ घटनाओं की पुष्टि नहीं कर रहीं, बल्कि यह भी दिखा रही हैं कि संघर्ष की जड़ें कितनी गहरी और जटिल हैं.

वीडियो: दुनियादारी: इजरायल-हमास सीजफायर डील पर मंडरा रहा खतरा, अमेरिका ने क्यों दी चेतावनी?

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