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HC के आदेश पर शाहजहां शेख को लेने पहुंची CBI, ममता सरकार ने बड़ा खेला कर दिया

कलकत्ता हाई कोर्ट के आदेश के तुरंत बाद ममता बनर्जी की सरकार सुप्रीम कोर्ट पहुंच गई. इधर, शाहजहां शेख को हिरासत में लिए बिना CBI को वापस लौटना पड़ा.

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29 फरवरी को बंगाल पुलिस ने शाहजहां शेख को गिरफ्तार किया था. (फाइल फोटो)

पश्चिम बंगाल सरकार ने CBI को निलंबित टीएमसी नेता शाहजहां शेख (Shahjahan Sheikh) की हिरासत देने से इनकार कर दिया. कलकत्ता हाई कोर्ट ने 5 मार्च को संदेशखाली में ED अधिकारियों पर हुए हमले का मामला सीबीआई को ट्रांसफर करने का आदेश दिया था. इसके बाद सीबीआई की टीम भबानी भवन पहुंची, जो पश्चिम बंगाल पुलिस का मुख्यालय है. हालांकि शाहजहां शेख को हिरासत में लिए बिना CBI को वापस लौटना पड़ा.

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कलकत्ता हाई कोर्ट के आदेश के तुरंत बाद ममता बनर्जी की सरकार सुप्रीम कोर्ट पहुंच गई. पश्चिम बंगाल सरकार ने इसी आधार पर शाहजहां शेख को सीबीआई को हैंडओवर करने से इनकार कर दिया कि वो इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दे रही है.

सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस संजीव खन्ना और जस्टिस दीपांकर दत्ता की बेंच के सामने मामले को रखा गया. पश्चिम बंगाल सरकार की तरफ से सीनियर वकील अभिषेक सिंघवी ने तुरंत सुनवाई की मांग की. हालांकि बेंच ने तुरंत सुनवाई से इनकार कर दिया. राज्य सरकार से कहा गया कि मामले को सुप्रीम कोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल के सामने रजिस्टर करवाएं.

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हाई कोर्ट ने क्या आदेश दिया था?

इससे पहले दिन में कलकत्ता हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस टीएस शिवज्ञानम की बेंच ने शाहजहां शेख को मंगलवार (5 मार्च) की शाम तक सीबीआई को सौंपने का आदेश दिया था. कोर्ट ने सिंगल बेंच के उस आदेश को भी रद्द कर दिया, जिसमें SIT गठित करने को कहा गया था. CBI ने हाई कोर्ट के सामने दलील दी थी जांच एजेंसी राज्य की पुलिस के साथ जांच नहीं कर सकती क्योंकि वो जांच को गुमराह करने की कोशिश कर रही है.

हाई कोर्ट ने इस केस के अलावा नजात और बनगांव थाने में दर्ज तीन केस को भी सीबीआई को ट्रांसफर करने का आदेश दिया है. इसी में 5 जनवरी को ईडी अधिकारियों पर हुए हमले का मामला भी शामिल है. हालांकि पश्चिम बंगाल पुलिस ने दलील दी कि वो अपना काम कर रही है और कई आरोपियों को गिरफ्तार भी किया गया है.

इस साल 5 जनवरी ईडी की एक टीम कथित राशन (PDS) घोटाले की जांच के लिए संदेशखाली पहुंची थी. शाहजहां शेख के घर पर. लेकिन वहां पहुंचते ही 100 से ज्यादा लोगों ने अफसरों और अर्धसैनिक बलों को घेर लिया था. स्थानीय लोगों की भीड़ ने ईडी और केंद्रीय बल की गाड़ी पर हमला कर दिया. गाड़ियां तोड़ दीं. हालांकि शाहजहां शेख वहां से फरार हो गया.

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संदेशखाली नॉर्थ 24 परगना जिले में आता है, जो कोलकाता से करीब 90 किलोमीटर दूर है. ईडी पर हमले की घटना के कुछ समय बाद ही शाहजहां शेख के खिलाफ संदेशखाली में प्रदर्शन शुरू हो गया. वहां के कई महिलाओं ने शेख पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया. उस पर जमीन हड़पने का भी आरोप लगा.

इन सबके बीच मामला कोर्ट पहुंचा. 28 फरवरी को कलकत्ता हाई कोर्ट ने आदेश दिया कि शाहजहां शेख को सीबीआई, ईडी या राज्य पुलिस, कोई भी गिरफ्तार कर सकती है. इसके एक दिन बाद, 29 फरवरी को पश्चिम बंगाल पुलिस ने शेख को गिरफ्तार कर लिया. इसके बाद टीएमसी ने भी शाहजहां शेख को 6 साल के लिए पार्टी से बाहर कर दिया.

वीडियो: संदेशखाली हिंसा का मुख्य आरोपी शाहजहां शेख अरेस्ट, बंगाल पुलिस ने कैसे पकड़ा?

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