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नामी ऐक्टर विक्रम गोखले ने कहा, भीख में आजादी वाली कंगना की बात से सहमत

नैशनल अवॉर्ड विनर विक्रम गोखले ने 100 से ज्यादा फिल्मों-सीरियल में काम किया है.

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अभिनेता विक्रम गोखले और अभिनेत्री कंगना रनौत (फ़ाइल फोटो)
विक्रम गोखले हिंदी और मराठी फिल्मों के जाने-माने ऐक्टर हैं. उन्होंने उस बयान का समर्थन किया है, जिसमें कंगना ने कहा था कि 1947 में देश को आजादी भीख में मिली थी. इंडिया टुडे की एक रिपोर्ट के मुताबिक 14 नवंबर को महाराष्ट्र में एक कार्यक्रम के दौरान विक्रम गोखले ने कहा,
"मैं भीख में आजादी वाले कंगना रनौत के बयान से सहमत हूं. हमें (ब्रिटिश राज में) आजादी दी गई थी. जब कई स्वतंत्रता सेनानियों को फांसी दी गई थी, उस समय कई लोग सिर्फ मूकदर्शक बने रहे. इन मूकदर्शकों में बहुत से वरिष्ठ नेता भी थे. इन नेताओं ने उन स्वतंत्रता सेनानियों को नहीं बचाया, जो अंग्रेजों के खिलाफ लड़ रहे थे."
इस पर एक रिपोर्टर पूछती हैं कि क्या ये बात देश के लिए बलिदान देने वालों का अपमान नहीं है? रिपोर्टर के इस सवाल का विक्रम गोखले अजीब सा जवाब देते हैं,
"है ही. लेकिन ये हम सबको समझना चाहिए. हम सरकार बनाते हैं. हमें सरकार से सवाल पूछना चाहिए कि आप ये क्या कर रहे हैं? मैं तो यहाँ तक कहूँगा कि इससे आगे जो भी बड़ा खर्च हो, उसके बारे में जनता को पता होना चाहिए. हम टैक्स भरते हैं. हम देश से पैसा चुराकर स्विस बैंक में नहीं रखते हैं. आम आदमी को हक़ है ये पूछने का कि हमने आपको चुना है, आप हमारे पैसों का क्या कर रहे हैं?"
आगे विक्रम गोखले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बारे में बोलने लगते हैं. कहते हैं,
"मोदी जब अपनी पार्टी के लिए काम करते हैं, मैं उनका साथ नहीं देता."
इस पर एक और रिपोर्टर बढ़ती महंगाई का सवाल करता हैं. विक्रम गोखले बोलते हैं,
"महंगाई मोदी ने बढ़ाई है क्या? आपको पता है ओपेक में बैरल की कितनी कीमत हुई है? आप किसी होटल में एक शाम में दस हज़ार रुपए खर्च कर सकते हैं, लेकिन एक आदमी सत्तर सालों की गंदगी साफ़ कर रहा है, उसकी कुछ समय के लिए मदद नहीं कर सकते?
इसके बाद रिपोर्टर आर्यन ड्रग्स केस पर सवाल करता है. विक्रम गोखले तुरंत कहते हैं 'नो कमेंट्स'. फिर आगे कहते हैं,
"नो कमेंट्स इसलिए नहीं कि ये बॉलीवुड से जुड़ी बात है. शाहरुख़ ख़ान और आर्यन मेरा कुछ बिगाड़ नहीं सकते. मैं उनसे नहीं डरता. फ़ालतू विषय है ये. मेरे मराठी समाज का 21 साल का लड़का जब बॉर्डर पर गोली खाकर मरता है, वो हीरो है, आर्यन नहीं. ये लोगों को समझ नहीं आता, मुझे आपकी अक्ल पर तरस आता है".

देश की आजादी पर कंगना रनौत ने क्या कहा था?

बीती 10 नवंबर को कंगना रनौत टाइम्स नाऊ चैनल के एक कार्यक्रम में पहुंची थीं. इस दौरान उन्होंने कहा था कि 1947 में भारत को मिली आजादी उनके लिए क्या मायने रखती है. कंगना ने कहा,
“अब तक शरीर में खून तो बह रहा था, लेकिन वो हिन्दुस्तानी खून नहीं था… और जो (भारत को) आजादी मिली थी वो भीख में मिली आजादी थी. असली आजादी 2014 में मिली है.”

विक्रम गोखले ने बीजेपी को लेकर क्या कहा?

इंडिया टुडे के मुताबिक विक्रम गोखले ने बीजेपी सहित सभी दलों पर इस विवाद का फायदा उठाने का आरोप लगाया. विक्रम गोखले से त्रिपुरा में कथित सांप्रदायिक हिंसा और उसके विरोध में महाराष्ट्र के अमरावती तथा अन्य शहरों में हुए बवाल पर सवाल पूछा गया. इसके जवाब में गोखले ने कहा,
"सांप्रदायिक दंगे वोट बैंक की राजनीति का नतीजा हैं. हर राजनीतिक दल वह (वोट बैंक की राजनीति) करता है."

शिवसेना को दी सलाह

इस दौरान विक्रम गोखले ने महाराष्ट्र के राजनीतिक माहौल पर भी चर्चा की. उन्होंने कहा कि इस समय एनसीपी और कांग्रेस के साथ मिलकर सत्ता का सुख भोग रही शिवसेना को देश की भलाई के लिए बीजेपी के साथ आ जाना चाहिए. इंडिया टुडे के मुताबिक उन्होंने कहा,
"बीजेपी और शिवसेना को फिर साथ आना चाहिए. मैंने देवेंद्र फडणवीस से दोनों दलों के बीच सीएम पद साझा करने की शर्त पर संभावित गठबंधन करने के बारे में सवाल किया था. इन दोनों पार्टियों को लोगों का विश्वास जीतने की कोशिश करनी चाहिए. मुझे लगता है कि राजनीतिक दलों को लोगों को धोखा नहीं देना चाहिए क्योंकि लोग उन्हें इसकी सजा दे सकते हैं."

'महाराष्ट्र परिवहन निगम की हालत के लिए राजनेता जिम्मेदार'

महाराष्ट्र राज्य सड़क परिवहन निगम (एमएसआरटीसी) के काफी समय से हालात खराब चल रहे हैं. निगम में वित्तीय संकट के चलते हजारों कर्मचारी इस समय हड़ताल पर हैं. विक्रम गोखले ने एमएसआरटीसी के बुरे हालात के लिए राजनेताओं को जिम्मेदार ठहराया है. उनके मुताबिक "एमएसआरटीसी और एयर इंडिया की वर्तमान स्थिति के लिए राजनेता जिम्मेदार हैं... मैं एसटी का ब्रैंड ऐंबैसडर था. यह एक बड़ी इकाई है, जो महाराष्ट्र में 18,000 से अधिक बसों का संचालन करती है."

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