अरे यार कहां कहानी सुनाने में फंस गए. हम इत्ती महत्वपूर्ण अति मोस्ट इम्पॉर्टेंट खबर बता रहे थे. पद्मावत फिल्म से जुड़ी. क्या है कि राजपूत संगठनों और कुछ राज्यों की बीजेपी सरकारों के बाद अब हिंदूवादी संगठनों ने भी फिल्म पर बैन की मांग कर दी है. सबसे बड़ा हिंदूवादी संगठन कौन? जिसके नाम में हिंदू है. अर्थात विश्व हिंदू परिषद. इसके अध्यक्ष प्रवीण भाई तोगड़िया ने पद्मावत पर बैन लगाने की मांग की है. उनका कहना है कि वो किसी भी कीमत पर फिल्म को रिलीज नहीं होने देंगे. 25 जनवरी को देश भर में विरोध करेंगे. प्रधानमंत्री से मांग की कि केंद्र सरकार पद्मावत रिलीज के सुप्रीम कोर्ट के आदेश के खिलाफ अध्यादेश लाए. हिंदुओं के स्वाभिमान की रक्षा करे. नहीं तो सिनेमाघरों के बाहर कर्फ्यू लगा दिया जाएगा.

पद्मावती का विरोध करने के लिए शरीर में एनर्जी डलवाते तोगड़िया जी
अब हफ्ते भर पीछे चलो. ये वही प्रवीण तोगड़िया हैं जो हाथ जोड़े मीडिया के सामने बैठे थे. बार बार आंखों में आंसू भर आ रहे थे. कह रहे थे कि मेरे इनकाउंटर की साजिश रची गई है. अब ये साहब हफ्ते भर में ही अपनी साजिश से उबर कर इस हालत में आ गए हैं कि पूरे देश में कर्फ्यू लगा देंगे. किसी शायर ने इस मौके पर क्या खूब कहा है-
पांव में पाजामा नहीं, कनटोप बने बैठे हैं हालत फुंके कारतूस सी है और तोप बने बैठे हैं
(ये टुच्चा शेर इसी नाचीज का है. हो सके तो मुआफी अता फरमाना.)

आंसुओं की धार से पद्मावत को रोकते तोगड़िया जी
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