अंधविश्वास के चलते आज भी कुप्रथाएं जिंदा हैं. जैसे बलि देना. उत्तर प्रदेश के ललितपुर जिले में बलि प्रथा की दहला देने वाली घटना हुई. यहां एक युवक ने भगवान को खुश करने के लिए अपना ही सिर काटने की कोशिश की. हालांकि वो इसमें कामयाब नहीं हुआ, जो राहत देने वाली ही बात है. लेकिन इस कोशिश में वो बुरी तरह घायल हो गया है. उसका इलाज किया जा रहा है.
भगवान को बलि देने के लिए चुना अपना ही सिर, पेड़ काटने की मशीन जैसे ही गर्दन से लगाई...
परिवार ने बताया युवक दो महीने से जिद पकड़े था कि बलि देनी है.


इंडिया टुडे से जुड़े प्रमोद कुमार गौतम की रिपोर्ट के मुताबिक घायल व्यक्ति का नाम दीपक कुशवाहा है. वो मजदूरी करता है. 15 अगस्त की सुबह लगभग 4 बजे दीपक अपने इलाके के शिव मंदिर में गया. खबर के मुताबिक मंदिर में ही ‘जय भोलेनाथ’ का जाप करते हुए उसने पेड़ काटने वाली एक मशीन की से अपनी गर्दन काटने की कोशिश की.
मशीन गर्दन से लगते ही दीपक की चीख निकल गई जिसे सुनकर गांव के लोग मंदिर की तरफ पहुंचे. वहां उन्होंने युवक को खून से लथपथ पाया. इसके बाद उसके घरवालों को घटना के बारे में सूचित किया गया. दीपक को गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया.
रिपोर्ट के मुताबिक दीपक के पिता पलटूराम कुशवाहा ने खुद बताया कि उनका बेटा भगवान शिव का ‘कट्टर’ भक्त है. वो भगवान की काफी पूजा-अर्चना करता था. पलटूराम ने बताया कि पिछले कुछ महीनों में दीपक ने कई बार अपने सिर की बलि देकर भगवान शिव को प्रसन्न करने की इच्छा व्यक्त की थी. इतना ही नहीं उसने इसके बारे में एक कॉपी में भी लिखा था.
दीपक के पिता ने कहा कि उन्होंने हमेशा उसे समझाया कि खुद की बलि देना पागलपन है, लेकिन बेटा बलि देने की जिद कर रहा था. मंगलवार को उसने अपनी जिद पूरी करने की कोशिश भी की. फिलहाल घायल दीपक का इलाज झांसी के एक अस्पताल में चल रहा है.
इस बीच घटना को लेकर मेडिकल कॉलेज के एक स्वास्थ्य अधिकारी सचिन माहुर ने बताया कि युवक ने पैने औजार से अपनी गर्दन काफी हद तक काट ली है. उसकी हालत काफी नाजुक है, इसलिए अभी कुच कहना ठीक नहीं होगा.
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