The Lallantop

लखीमपुर गैंगरेप के नाबालिग दोषी को उम्रकैद, कोर्ट ने इसके पीछे क्या तर्क दिया?

दो बहनों को गैंगरेप के बाद मार दिया गया था. उनके शवों को पेड़ पर लटकाया गया था. मामले में पांच आरोपियों को पहले ही सजा सुनाई जा चुकी है.

Advertisement
post-main-image
घटना के तीन आरोपी (दाएं)- फोटो (आजतक)

उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) का लखीमपुर खीरी (Lakhimpur Kheri) जिला. 25 अगस्त को यहां जिला अदालत ने गैंगरेप मामले में एक नाबालिग को उम्रकैद की सजा सुनाई. खबर के मुताबिक अदालत ने सजा सुनाने के साथ ही दोषी नाबालिग पर आर्थिक दंड भी लगाया.

Add Lallantop as a Trusted Sourcegoogle-icon
Advertisement

आजतक से जुड़े संवाददाता आशीष श्रीवास्तव की रिपोर्ट के मुताबिक सजा साल 2022 में हुए निघासन गैंगरेप और मर्डर केस में सुनाई गई. कोर्ट ने नाबालिग को धारा 302/34, 323, 452, 363, 376, 201, और पॉक्सो एक्ट की धारा 5G/6 के तहत दोषी करार दिया. इसके अलावा उसके ऊपर 46 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है. मामले में सजा सुनाते हुए जज राहुल सिंह ने कहा कि आरोपी की उम्र कम है, लेकिन उसने जो क्राइम किया है वो पेशेवर जैसा है.

निघासन गैंगरेप मामले में पुलिस ने 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया था. इसमें से एक आरोपी नाबालिग था. उसे गिरफ्तार करने के बाद बाल सुधार गृह भेज दिया गया था. मामले में चार आरोपियों पर पहले ही दोष साबित किए जा चुके हैं.

Advertisement
निघासन हत्याकांड

लखीमपुर का निघासन इलाका. 14 सितंबर, 2022 के दिन इलाके में दो सगी बहनों की लाश एक पेड़ पर लटकी मिली थी. मामला सामने आया तो पुलिस ने जांच शुरू की. पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पता चला कि हत्या से पहले दोनों लड़कियों के साथ गैंगरेप किया गया था. जिसके बाद दोनों को गला दबाकर मार डाला गया था और शव पेड़ पर लटका दिए गए.

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक आरोपी युवक लड़कियों को उनकी मां के सामने से ही उठाकर ले गए थे. घटना की जानकारी सामने आने के 24 घंटे के भीतर पुलिस ने 6 आरोपियों को हिरासत में ले लिया था. जिसके बाद FIR दर्ज कर केस को फास्ट ट्रैक कोर्ट में भेजा दिया गया. मामले में अभी तक कुल पांच आरोपियों को सजा सुनाई जा चुकी है. तीन को उम्रकैद और दो को 6-6 साल की सजा सुनाई गई है.

Advertisement

(ये भी पढ़ें: यूपी: 9वीं के छात्र ने इस्लाम विरोधी बात लिखी, भीड़ घर पर पत्थर बरसा आई, फिर पुलिस ने…)

वीडियो: उत्तर प्रदेश पुलिस कस्टडी में दिलशाद की मौत को एक्सीडेंट बताया, अब पुलिस वालों पर FIR क्यों करनी पड़ी

Advertisement