जो पूरी बात न जानते हों, उनके लिए पूरा मामला हम दोबारा बता देते हैं. 27 सितंबर, 2017 को था विश्व पर्यटन दिवस. इस दिन उत्तर प्रदेश सरकार ने एक टूरिज़म बुकलेट निकाली, जिसका नाम था 'उत्तर प्रदेश पर्यटन - अपार संभावनाएं.' जब ये किताब लोगों ने अलटी-पलटी तो उसमें गंगा आरती से लेकर गोरखनाथ मंदिर तक कई सारी घूमने लायक जगहों का ज़िक्र था लेकिन एक ताजमहल की फोटू तक नहीं थी.
इसे लेकर कई लोगों की राय कुछ इस तरह की रही कि ताजमहल को बनाने वाला शाहजहां एक मुस्लिम शासक था, इसीलिए उत्तर प्रदेश सरकार ने उसे अपनी बुकलेट से बाहर रखा.
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कई लोगों ने योगी आदित्यनाथ के तीन महीने पहले दिए एक बयान का ज़िक्र भी किया. दरभंगा में हुई एक रैली में योगी आदित्यनाथ ने विदेशी महमानों को ताजमहल वाला मेमेंटो देने के चलन की ये कहकर आलोचना की थी कि ये भारतीय संस्कृति को नहीं दर्शाता. योगी के पहले बजट में एक सेक्शन था 'हमारी सांस्कृतिक विरासत.' इसमें भी ताजमहल का कोई ज़िक्र नहीं था.
तो पूरे मामले पर सरकार ने क्या कहा है?
पूरे वाकये को लेकर सफाई देने उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग के डायरेक्टर जनरल अवनीश अवस्थी सामने आए. टाइम्स ऑफ इंडिया को उन्होंने बताया कि 27 सितंबर को जारी हुई बुकलेट उत्तर प्रदेश में पड़ने वाले पर्यटन स्थलों के बारे में नहीं है. बुकलेट में सिर्फ उन प्रोजेक्ट्स की जानकारी दी गई है, जो उत्तर प्रदेश सरकार ने पर्यटन को बेहतर बनाने के लिए शुरू किए हैं, या आने वाले समय में शुरू करने वाली है. ताजमहल पहले से ही एक विश्व प्रसिद्ध धरोहर है, जिसे देखने लाखों लोग आते रहते हैं. इसलिए उसे बुकलेट में शामिल करने की ज़रूरत महसूस नहीं की गई.

उत्तर प्रदेश सरकार ने 2 अक्टूबर, 2017 को प्रेस रिलीज़ निकाल कर ताजमहल से जुड़ी योजनाओं की जानकारी दी
क्या ताजमहल को लेकर सच में कोई योजना नहीं बनी?
इस सवाल का जवाब हमें उत्तर प्रदेश सरकार के सूचना और जनसंपर्क विभाग के तहत काम करने वाले प्रेस इंफॉर्मेशन ब्यूरो (पत्र सूचना शाखा) से मिलता है. ब्यूरो ने 2 अक्टूबर, 2017 को एक प्रेस रिलीज़ जारी की थी. इसमें उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा विश्व बैंक के साथ मिलकर शुरू की जा रही 'प्रो-पुअर टूरिज़्म' स्कीम की जानकारी है.
कुल 370 करोड़ रुपए की इन योजनाओं में से 156 करोड़ रुपए ताजमहल और ताजमहल के आस-पास के इलाकों के विकास के लिए रखे गए हैं. इस पैसे से ताजमहल और आगरा के किले के बीच शाहजहां पार्क और वॉक-वे को सुधारा जाएगा. एक नया रिसेप्शन सेंटर बनेगा और पार्किंग भी सुधारी जाएगी. आगरा के कछपुरा और मेहताब बाग़ में भी काम करवाया जाएगा.
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