ये हम नहीं कह रहे हैं. US Commission for International Religious Freedom माने USCIRF का कहना है. उसी की रिपोर्ट आई है Religious Freedom violations worldwide. इसमें साल भर दुनिया भर में हुए धार्मिक हिंसा के मामलों के बारे में बताया गया है. https://twitter.com/USCIRF/status/7272865857801052172015 में धार्मिक असहिष्णुता बढ़ गई है, धार्मिक स्वतंत्रता कम हुई है, मुसलमानों, ईसाईयों और सिखों को कई बार हिंसा का सामना करना पड़ा. और ये सब किया है हिंदू राष्ट्रवादियों, बीजेपी के नेताओं ने. पुलिस भी पक्षपात करती है. कोर्ट भी असक्षम है.
मार्च 2016 में USCIRF वाले इंडिया आने वाले थे, पर भारत वाले उन्हें वीज़ा इश्यू नहीं करा पाए. वैसे ये कोई पहली बार नहीं था, इसके पहले 2001 और 2009 में भी उन्हें वीज़ा नहीं मिल पाया था.
क्या है रिपोर्ट में
पिछले एक साल में भारत में मुस्लिम समुदाय का शोषण और उन पर हिंसा के मामले बढ़ गए हैं. हेट कैंपेन्स के जरिए उन्हें टारगेट किया जा रहा है, उन पर आतंकवादी होने के आरोप लग रहे हैं. पाकिस्तान के लिए जासूसी और जबरदस्ती किडनैप करके धर्मपरिवर्तन कराने और हिंदू औरतों से शादी करने और गायों को काटकर हिंदुओं का अपमान करने के आरोप लगने लगे हैं. मुस्लिम समुदाय का कहना है कि ये सब हिंदू राष्ट्रवादियों, जिसमें लोकल और नेशनल लेवल के नेता हैं. वो कर रहे हैं. मुस्लिमों पर गायों को न काटने का दवाब बनाया जा रहा है. ईसाईयों पर 365 से ज्यादा हमले हुए. ये हमले उनकी संस्थाओं और लोगों पर हुए हैं. जबकि 2014 में ये हमले गिनती में सिर्फ 120 थे. इससे आठ हजार ईसाई प्रभावित हुए. नवंबर 2015 में हिंदू राष्ट्रवादियों ने तेलंगाना में एक घर में पूजा कर रहे 40 ईसाईयों को पीटा. जिसमें एक औरत के अजन्मे बच्चे की मौत हो गई. फरवरी 2016 में 35 लोगों की भीड़ ने एक रमंतपुरम के एक पादरी को पीटा. पुलिस ने शिकायत दर्ज नहीं की. न सुरक्षा दी, न जांच की. 6 राज्यों में धर्मांतरण पर रोक लगा दी. सिखों पर भी हमले बढ़ गए हैं. कृपाण रखने पर रोक लगाई जाती है. खालिस्तान का सपोर्ट कर रहे हों या नहीं, उन पर देशद्रोह के केस कर दिए जाते हैं. चंडीगढ़ में प्रदर्शन कर रहे सिखों पर अक्टूबर 2015 में पुलिस ने फायर खोल दिया था. दलितों को भी पूजा करने से रोका जाता है और उन पर भी हमले बढ़ गए हैं.USCIRF एक स्वतंत्र, द्विदलीय यूएस फेडरल गवर्नमेंट कमिशन है. जो दुनिया भर में धार्मिक स्वतंत्रता के मामलों की जांच करती है. उसने सिफारिश की है कि भारत सरकार उन्हें भारत आने दे ये भी कहा कि सरकार पब्लिकली अपने अधिकारियों और धार्मिक नेताओं से ये कहे कि वो दूसरे समुदाय के बारे में आपत्तिजनक बातें न कहें.

















