रूस-यूक्रेन की जंग शुरु हुए 1603 दिन हो चुके हैं. लेकिन जंग रुकने के आसार नजर नहीं आते. 16 जुलाई की सुबह यूक्रेन की राजधानी कीव में लोग अभी सोकर भी नहीं उठे थे, तभी ये शहर रूसी बैलिस्टिक मिसाइलों के हमले से थर्रा गया. कीव के मेयर विटाली क्लिट्स्को ने बताया कि शहर के पश्चिम इलाके में एक स्टोरेज फैसिलिटी पर हमला हुआ है. मेयर के मुताबिक यूक्रेन ने कुछ मिसाइलों को इंटरसेप्ट भी किया जिनका मलबा निप्रो नदी में गिरा.
रूस ने यूक्रेन पर दागीं आठ बैलिस्टिक मिसाइलें, सुबह-सुबह अटैक से थर्राया कीव
16 जुलाई की सुबह-सुबह यूक्रेन की राजधानी कीव पर बड़ा हमला हुआ, ये शहर रूसी बैलिस्टिक मिसाइलों के हमले से थर्रा गया. रूस का कहना है कि ऐसे अभियानों का मकसद यूक्रेन की उस क्षमता को रोकना या कम करना है जिससे वह रूस पर लंबी दूरी के हथियार दाग सकता है.


रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक यूक्रेन की एयरफोर्स ने टेलीग्राम पर बताया कि कीव पर कम से कम 8 बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला हुआ. लोगों से लगातार शेल्टर में ही रहने की अपील की जा रही है, क्योंकि जब एयर डिफेंस सिस्टम लगातार मिसाइलों को रोक रहे थे, तब उनके मलबे से भी आम लोगों को खतरा हो सकता है. ये हमले ऐसे समय में हुए जब यूक्रेन के लोग रक्षा मंत्री मिखाइलो फेडोरोव को पद से हटाए जाने पर प्रतिक्रिया दे रहे थे. रक्षा मंत्री फेडोरोव को एक साल से भी कम समय में पद से हटा दिया गया है.
कई इलाकों में हमले का अलर्टरूसी हमलों के बाद विन्नित्सिया ओब्लास्ट समेत कई अन्य इलाकों में भी हवाई हमले के अलर्ट जारी किए गए हैं. एयरफोर्स के मुताबिक रूस के शाहेद (Shahed) टाइप के ड्रोन कई यूक्रेनी शहरों की ओर दागे गए थे. ड्रोन हमलों के बाद खारकीव टाउन में भी धमाकों की खबर मिली. इस बीच बैलिस्टिक मिसाइलें लगातार कीव को निशाना बना रही थीं.
14 जुलाई को रूस ने पूरे यूक्रेन में रात भर बड़े पैमाने पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए. इस हमले में कम से कम सात लोगों की मौत हो गई थी और 78 लोग घायल हो गए थे. जुलाई के महीने में यूक्रेन पर ये सातवां हमला है. यूक्रेनी अधिकारियों के अनुसार, उस हमले के दौरान बैलिस्टिक मिसाइलों ने कीव को निशाना बनाया था. धमाकों से कीव की 16 जगहों को भारी नुकसान पहुंचा जिनमें एक स्कूल और एक मार्केट शामिल है. राष्ट्रपति जेलेंस्की ने कहा कि कीव में किसी की मौत की खबर नहीं है, लेकिन रूसी हमलों ने निप्रॉपेट्रोस, डोनेट्स्क, जाइटॉमिर और ओडेसा के इलाकों में अहम बुनियादी ढांचे को भी नुकसान पहुंचाया है.
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दूसरी ओर रूसी रक्षा मंत्रालय ने कहा कि हालिया हमलों में लंबी दूरी की मिसाइलें और ड्रोन बनाने वाली मिलिट्री फैसिलिटीज को निशाना बनाया गया. रूस का कहना है कि ऐसे अभियानों का मकसद यूक्रेन की उस क्षमता को रोकना या कम करना है जिससे वह रूस पर लंबी दूरी के हथियार दाग सकता है. इनमें तेल के इंस्टॉलेशंस पर हमले से लेकर मिलिट्री ठिकाने, पुल आदि शामिल हैं.
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