The Lallantop

ईरान युद्ध से परेशान अमेरिकी जवानों ने खुद को समुद्र के 'हवाले' किया, एक जिंदा बचा, उसने सारा सच उगल दिया

ईरान के खिलाफ युद्ध के दौरान USS Abraham Lincoln पर तैनात 19 साल के अमेरिकी नौसैनिक निकोलस मैकेल्वी ने 255 दिन की लगातार ड्यूटी के बाद समुद्र में छलांग लगा दी थी.

Advertisement
post-main-image
USS Abraham Lincoln 286 दिनों तक समुद्र में तैनात रही. (फोटो- India today)

Quick AI HighlightsClick here to view more

  • अमेरिकी नौसेना की USS Abraham Lincoln शिप पर 255 दिन की लगातार तैनाती के दौरान 19 साल के जवान निकोलस मैकेल्वी ने सितंबर 2026 में मानसिक दबाव के कारण समुद्र में छलांग लगाई थी।
  • ईरान के खिलाफ जारी युद्ध के चलते अमेरिकी नौसेना ने अरब सागर में अपनी तैनाती बढ़ाई, जिससे जवानों को 12-12 घंटे की भारी ड्यूटी, अत्यधिक गर्मी और खाने-पीने की कमी जैसी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।
  • मैकेल्वी को कोर्ट मार्शल का सामना करना पड़ा और उन्हें बर्खास्तगी का खतरा है, जबकि नौसेना ने उनकी मेंटल हेल्थ सहायता की मांगों को उचित रूप से पूरा नहीं किया था।

जिधर देखो उधर सिर्फ पानी-पानी. जमीन का नामोनिशान नहीं. अरब सागर की अथाह ‘जलराशि’ पर एक शिप डोल रहा है. उस पर तैनात हैं अमेरिकी नौसेना के कुछ जवान. महीनों से अपने घर से दूर. 12-12 घंटे की ड्यूटी. खाने-पीने की चीजें भी उतनी नहीं, जितनी आम दिनों में आम इंसान को जरूरी होती है. ऐसे हालात और चुभती भीषण गर्मी की मार झेलते इन जवानों की मानसिक हालत क्या रही होगी? वो भी तब जब किसी को ये अंदाजा भी नहीं कि अभी कितने दिन और पानी में रहना है. कब उनकी घर वापसी होगी. 

Advertisement

ऐसे में सब्र की सबसे कठिन परीक्षा देते कुछ जवान थक जाते हैं और समुद्र  में छलांग लगा देते हैं. ये सोचते हुए कि जिंदा किनारे तक पहुंचे तो ठीक. नहीं तो शिप के नारकीय जीवन से मौत तो मुक्ति दिला ही देगी. ये किसी उपन्यास की कथा नहीं है. ईरान के खिलाफ जंग के दौरान अरब सागर में तैनात अमेरिकी नेवी शिप USS Abraham Lincoln के डेक पर घटी सच्ची घटना है.

इस भयावह मंजर को दुनिया के सामने उजागर करने वाले 19 साल के अमेरिकी नेवी के जवान के खिलाफ कानूनी कार्रवाई होने वाली है. आरोप है कि जान देने के प्रयास में उसने अपनी ड्यूटी से भागने की कोशिश की. 

Advertisement

सितंबर 2026 में अमेरिकी नौसेना के कार्यवाहक सचिव हंग काओ ने खुलासा किया था कि USS Abraham Lincoln पर तैनाती के दौरान चालक दल के 8 सदस्यों ने जान देने की कोशिश की थी. उन्होंने समुद्र में छलांग लगा दी थी. 19 साल के निकोलस मैकेल्वी उन्हीं में से एक थे. हालांकि, वो बचा लिए गए. इसके बाद अमेरिकी अखबार न्यूयॉर्क टाइम्स से उन्होंने अपने जीवन के उन सबसे बुरे दिनों के बारे में विस्तार से बात की है, जब उन्हें मौत ‘आजादी का रास्ता’ लगने लगी थी. 

255 दिन से थी तैनाती

19 साल के मैकेल्वी 2024 में अमेरिकी नेवी में शामिल हुए थे. ईरान के खिलाफ जंग में अमेरिकी वॉरशिप पर लगातार 255 दिन तक रहने के बाद 3 अगस्त 2026 को उन्होंने समुद्र में छलांग लगा दी थी. शिप की यातना भरी जिंदगी ने उनके सब्र का बांध तोड़ दिया था. अखबार को मैकेल्वी ने बताया कि शिप पर वो 12-12 घंटे की शिफ्ट में काम कर रहे थे. वहां गर्मी प्रचंड थी और खाने-पीने की भी कमी थी. वो घर जाना चाहते थे, क्योंकि इसी ड्यूटी के दौरान उन्हें एक बेटी हुई थी. बेटी का दुनिया में स्वागत करने के लिए मैकेल्वी अपने घर नहीं जा पाए. 

इतना ही नहीं, उनके ससुराल में कुछ लोग कैंसर से भी जूझ रहे थे. तमाम परेशानियों से जूझते हुए एक कमजोर क्षण में उन्होंने एक बहुत बड़ा फैसला ले लिया. मैकेल्वी अथाह महासागर में कूद गए. लेकिन, छलांग लगाने के 50 मिनट के अंदर ही हेलिकॉप्टर वाली एक टीम ने उन्हें बचा लिया और शिप पर वापस ले आए. 

Advertisement
सिंपथी की जगह मिली सजा

हालांकि, इस घटना के बाद मैकेल्वी को कोई सहानुभूति नहीं मिली. न तो मानसिक सेहत को लेकर ही कोई मदद की गई. बल्कि उन्हें ऐसा करने के बदले सजा का सामना करना पड़ेगा. अमेरिकन नेवी ने मैकेल्वी को बर्खास्त करने की तैयारी शुरू कर दी है. उन पर दो आरोप लगाए गए हैं. पहला, बीमारी का बहाना बनाकर ड्यूटी से बचने का. दूसरा, बिना इजाजत के अपनी पोस्ट छोड़ने का. नेवी का आरोप है कि ड्यूटी से बचने के लिए मैकेल्वी ने मेंटल हेल्थ क्राइसिस का नाटक किया. 

घटना की जो रिपोर्ट आई, उसमें इस पर शक जताया गया कि मैकेल्वी ने जान देने की कोशिश भी की थी या नहीं. क्योंकि जब वो कूदे थे तो उन्होंने फ्लोट कोट पहन रखा था. ये एक जैकेट होता है, जो पानी में तैरने में मदद करता है. 

'इससे अच्छा मौत हो जाती…' 

मैकेल्वी ने अखबार को बताया कि शिप पर हालात इतने ज्यादा नाकाबिल-ए-बर्दाश्त हो गए थे कि वो वहां रहना ही नहीं चाहते थे. उन्होंने NYT को बताया कि अगर वहां न रहने के बदले उनकी मौत हो जाती तो वही उन्हें मंजूर होता. उन्होंने बताया कि वो घर जाना चाहते थे. समुद्र में छलांग लगाने के दौरान उन्होंने ‘फ्लोट कोट’ इसीलिए पहन रखा था ताकि अगर उनकी जान बचनी थी तो बच जाती. और अगर मौत होनी थी तो हो जाती. यानी मैकेल्वी ने अपनी जिंदगी पूरी तरह से समुद्र की लहरों पर छोड़ दिया था.

डराने वाले हालात

2024 में नेवी में शामिल होने वाले मैकेल्वी ने शिप के जो हालात दुनिया को बताए, वो सच में डराने वाले हैं. उन्होंने दावा किया कि खुद को समुद्र के हवाले करने से पहले शिप पर उन्हें मेंटल हेल्थ को लेकर कोई मदद नहीं मिली. उन्होंने अपने ऊपर होने वाली कार्रवाई का विरोध किया है. मैकेल्वी ने कहा कि जून 2026 में उन्होंने अपनी मेंटल हेल्थ को लेकर शिप के मेडिकल यूनिट से मदद मांगी थी. लेकिन उन्हें एक पादरी से बात करने के लिए कहा गया. उन्होंने दावा किया कि 5 हजार से ज्यादा नेवी के जवानों वाले इस वॉरशिप पर दिमाग के सिर्फ 6 डॉक्टर थे.

मैकेल्वी जिस शिप पर तैनात थे, वो जहाज अक्टूबर में सैन डिएगो पहुंचा था. 322 दिनों तक वो समुद्र में तैनात रहा. ईरान युद्ध की वजह से उसकी तैनाती को बढ़ाया गया था. नहीं तो इस साल की गर्मियों में ही उसकी तैनाती की मियाद खत्म होने वाली थी. 

वीडियो: रणबीर कपूर की 'रामायण' ने पहले ही दिन मचाया बॉक्स ऑफिस पर धमाल

Advertisement