उत्तर प्रदेश के हरदोई में एक चार साल की बच्ची की कथित तौर पर कफ सिरप पीने से मौत हो गई. बच्ची ने बिना किसी को बताए गलती से दवाई को जूस समझकर पी लिया था. फिर वो सो गई और फिर कभी नहीं उठी. परिजनों को लगा कि उसे थकान की वजह से नींद आ रही होगी. लेकिन जब वो अगले दिन सुबह 10 बजे तक भी नहीं उठी, तो उसे घरवाले उसे अस्पताल ले गए. जहां डॉक्टर्स ने उसे मृत घोषित कर दिया. बच्ची का शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है.
चार साल की बच्ची ने 70 साल के बुजुर्ग का कफ सिरप पी लिया, नींद में ही मौत हो गई
Hardoi cough syrup overdose girl dies: 4 नवंबर की शाम 7:15 बजे कमरे में मौजूद 70 साल के किसी बुजुर्ग को खांसी आ रही थी. उन्होंने खांसी की दवाई ली और शीशी बराबर में रख दी. बच्ची पास में खेल रही थी. बोतल पर उसकी नजर गई और उसने बिना किसी को बताए कथित तौर पर दवा पी ली.

बच्ची का नाम अलकाफिया है. परिवार में पिता सद्दाम, मां रेहाना, दादी शबीना और दो बहन हैं. वह मम्मी और दादी संग सांडी थाना क्षेत्र के पेराड़ी गांव गई थी. अलकाफिया की मौसी के घर गुरुवार 5 नवंबर को एक फंक्शन था.
बच्ची ने दवा पीने के बाद अम्मा को बताया थाइंडिया टुडे से जुड़े प्रशांत पाठक की रिपोर्ट के मुताबिक, वह एक दिन पहले ही रिश्तेदार के घर गए थे. 4 नवंबर की शाम 7:15 बजे कमरे में मौजूद 70 साल के किसी बुजुर्ग को खांसी आ रही थी. उन्होंने खांसी की दवाई ली और शीशी बराबर में रख दी. बच्ची उनके पास में खेल रही थी. बोतल पर उसकी नजर गई और उसने बिना किसी को बताए कथित तौर पर दवा पी ली.
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मृतक की दादी शबीना ने बताया, “घर में खांसी की दवा रखी हुई थी. बच्ची ने देख लिया और अनजाने में वह सिरप पी गई. पीने के बाद खुद आकर बोली कि ‘अम्मा’ मैंने खांसी की दवा पी ली है. शाम को करीब 7 बजे उसने दवा पी थी. उसके बाद वह थोड़ी देर खेली और फिर सो गई. दवा के नशे की वजह से वह पूरी रात उठी ही नहीं. सुबह जब हम उसे डॉक्टर के पास ले गए, तब तक स्थिति बहुत बिगड़ चुकी थी.”
डॉक्टर्स को नहीं मिली थी धड़कनरिपोर्ट के मुताबिक, परिवार उसे गांव के ही एक डॉक्टर के पास लेकर गए थे. डॉक्टर ने हालत देखते हुए मेडिकल कॉलेज ले जाने की सलाह दी. मेडिकल कॉलेज इमरजेंसी प्रभारी डॉ. अमित आनंद ने बताया,
“ये बच्ची अभी इमरजेंसी में आई थी. जांच करने पर पता चला कि बच्ची हमारे पास मृत अवस्था में ही लाई गई थी. कोई धड़कन हमें नहीं मिली. ECG करके कंफर्म किया था. परिजनों ने बताया कि उसने खांसी की दवा पी ली थी. बच्ची ने उसे पूरा पी लिया था.”
डॉ. अमित आनंद ने बताया कि कफ सिरप में नींद की दवाएं होती हैं. इससे छोटे बच्चों को गहरी नींद आने या सांस रुकने जैसी जानलेवा समस्याएं हो सकती हैं. सरकार और डॉक्टरों की गाइडलाइन के अनुसार, 10 साल से कम उम्र के बच्चों को कफ सिरप देने से बचना चाहिए.
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