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अमेरिका ने ईरान पर हमला कर दिया, डील गई पानी में?

US attack on Iran: अमेरिका ने ईरान पर फिर से हमला किया है. अभी तक अमेरिका इज़रायल को हमला करने से रोक रहा था, लेकिन अब उसने खुद वही कर दिया. तर्क ये दिया गया कि शुरुआत ईरान की तरफ से हुई. माने सीज़फायर का उल्लंघन ईरान ने किया है.

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अमेरिका ने एक बार फिर ईरान पर हमला कर दिया है. (फोटो-इंडिया टुडे)

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  • अमेरिकी सेना ने ईरान के खिलाफ जवाबी हवाई हमले किए, जो राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप के आदेश पर अपाचे हेलीकॉप्टर गिराए जाने के बाद शुरू हुए।
  • अमेरिका और ईरान के बीच तनाव उस समय बढ़ा जब ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ के पास अमेरिकी अपाचे हेलीकॉप्टर को मार गिराया, जिससे सीजफायर का उल्लंघन हुआ।
  • इन हमलों के परिणामस्वरूप क्षेत्रीय तनाव बढ़ गया है और अमेरिका-ईरान के बीच शांति प्रयासों और पीस डील पर संकट उत्पन्न हुआ है।

अमेरिका ने फिर से ईरान पर हमला कर दिया है. जब भी लगता है कि वेस्ट एशिया में सब ठीक होने ही वाला है तभी कोई ना कोई हमला कर देता है. पिछले कुछ दिनों से अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से नाराज थे. गालियां देते हुए कहा था कि हमले बंद करो वरना अकेले रह जाओगे. जिस काम से लिए इजरायल को गालियां दीं, अमेरिका ने खुद भी वही कर दिया. लेकिन, तर्क ये दिया गया कि शुरुआत ईरान की तरफ से हुई. माने सीजफायर का उल्लंघन ईरान ने किया, अमेरिका ने तो बस उसका जवाब दिया है. ऐसा अमेरिकी सेना का दावा है.

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10 जून को अमेरिकी सेंट्रल कमांड के X अकाउंट से लिखा गया, 

'अमेरिकी सेना की सेंट्रल कमांड ने राष्ट्रपति (ट्रंप) के आदेश पर ईरान के खिलाफ जवाबी हवाई हमले शुरू किए. ये हमले कल एक अमेरिकी आर्मी अपाचे हेलीकॉप्टर को गिराए जाने के जवाब में किए गए हैं. ये ईरान की हरकत के खिलाफ एक सीमित और संतुलित जवाब है.'

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ट्रंप ने क्या कहा? 

अमेरिका का कहना है कि ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ के पास उनका अपाचे हेलीकॉप्टर मार गिराया है. इस घटना के बाद अमेरिका ने सेल्फ डिफेंस में ईरान पर अटैक किया. हमले के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर लिखा, 

‘मुझे हमारी महान सेना से जानकारी मिली है कि कल रात ईरान ने होर्मुज के ऊपर गश्त कर रहे हमारे एक बेहद आधुनिक अपाचे हेलीकॉप्टर को मार गिराया. हेलीकॉप्टर में दो पायलट थे और अच्छी बात ये है कि दोनों सुरक्षित हैं और उन्हें कोई चोट नहीं आई है. फिर भी, इस हमले का जवाब देना अमेरिका के लिए जरूरी है.’

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ईरान ने क्या बताया? 

दूसरी तरफ ईरान भी जंग के मूड में दिख रहा है. विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने लिखा, 

‘युद्ध के मैदान में हार झेलने के बावजूद अमेरिका ने हमारी ताकत को परखने की कोशिश की है. हमारी शक्तिशाली सेना किसी भी हमले या खतरे का जवाब देने से पीछे नहीं हटेगी. अगर आप सुरक्षित रहना चाहते हैं, तो हमारे क्षेत्र से दूर रहें. फारस की खाड़ी (पर्शियन गल्फ) का इतिहास इस बात का गवाह है कि यहां दखल देने वाली बाहरी ताकतों का अंजाम अक्सर बहुत बुरा हुआ है.’

ईरान ने अमेरिका को सीधी-सीधी धमकी दे दी है कि अगर उनके एरिया में कब्ज़े की कोशिश हुई तो अंजाम भुगतना पड़ेगा. वैसे ईरान ने अपनी तरफ से हेलीकॉप्टर वाली बात का ज़िक्र नहीं किया.

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पीस डील पर पानी फिरा?

इससे पहले दोनों देश बातचीत के रास्ते पर थे. इसका हिंट खुद ट्रंप ने दिया था. जब इजरायल हमले कर रहा था तब ट्रंप का जवाब आया था कि इन हमलों का हमारी बातचीत पर कोई असर नहीं पड़ेगा. साथ में ट्रंप बार-बार नेतन्याहू को चेतावनी दे रहे थे कि वो बेरुत, लेबनान या हिज़बुल्लाह पर अटैक ना करे.

ऐसा इसलिए क्योंकि ईरान ने सीजफायर की शर्त रखी थी कि उनके देश के साथ-साथ इन जगहों पर भी हमले ना किए जाएं. जब ट्रंप नेतन्याहू को हमला करने से रोक रहे थे, तो लगा कि शायद अमेरिका और ईरान के बीच सुलह होने वाली है. लेकिन अब इस हमले के बाद पीस डील पर खतरा मंडराने लगा है. 

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