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यूरोप के इन 4 बड़े देशों ने जो ऐलान किया है, सुनकर ईरान के लोग नाचने लगेंगे!

US-Iran Deal: अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने ऐलान किया है कि अमेरिका और ईरान के बीच एक समझौता हो गया है. अब E4 देशों (ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी और इटली) ने भी ईरान को लेकर बहुत बड़ा ऐलान कर दिया है. कई सालों का संकट दूर होगा.

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अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध खत्म होने की कगार पर है. (सांकेतिक फोटो: इंडिया टुडे)

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  • अमेरिका और ईरान के बीच चार महीने से चल रहा युद्ध समाप्त होने के करीब है और दोनों पक्षों ने शांति समझौते पर औपचारिक हस्ताक्षर करने वाले हैं।
  • ईरान के परमाणु कार्यक्रम को रोकने के लिए E4 देशों ने आर्थिक प्रतिबंध लगाए थे, जिनके कारण ईरान के तेल निर्यात और बैंकिंग लेनदेन पर रोक लगी थी।
  • इस समझोते के बाद अमेरिका ईरान की 12 अरब डॉलर की फ्रीज की गई संपत्ति जारी करेगा और होर्मुज स्ट्रेट पर टोल वसूलना बंद होगा, जिससे सैन्य कार्रवाइयां भी तुरंत रुक जाएंगी।

अमेरिका और ईरान के बीच करीब 4 महीने से चल रहा युद्ध पूरी तरह से खत्म होने की कगार पर है. दोनों देशों के बीच शांति समझौता लगभग फाइनल हो चुका है. बस इस पर औपचारिक हस्ताक्षर होना बाकी है. अब E4 देशों (ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी और इटली) ने भी ईरान पर लगे आर्थिक प्रतिबंधों को हटाने का ऐलान कर दिया है. 

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क्या रखी है शर्त?

E4 देशों (जिन्हें 'बिग फोर' भी कहा जाता है) में यूरोप के चार सबसे शक्तिशाली देश शामिल हैं- फ्रांस, जर्मनी, इटली और यूनाइटेड किंगडम (UK). रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, चारों यूरोपीय देशों ने साझा बयान जारी कर कहा है कि अगर ईरान परमाणु समझौते की शर्तों का पूरी तरह पालन करता है, तो वे उसके खिलाफ लगे सभी प्रतिबंध वापस लेने के लिए तैयार हैं. बयान में कहा गया, 

“ईरान के पास कभी भी परमाणु हथियार नहीं होने चाहिए. हम इस मकसद के लिए अमेरिका, ईरान और IAEA (अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी) के साथ मिलकर काम करने को तैयार हैं.”

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E4 देशों ने ईरान को परमाणु हथियार बनाने से रोकने के लिए उस पर कड़े आर्थिक प्रतिबंध लगा रखे थे. इन प्रतिबंधों के तहत ईरान के सबसे बड़े कमाई वाले सोर्स यानी कच्चे तेल और गैस के निर्यात पर रोक लगा दी गई. इसके अलावा ईरान के केंद्रीय बैंक को अंतरराष्ट्रीय बैंकिंग सिस्टम से बाहर कर दिया गया जिससे वह विदेशों से पैसों का लेन-देन न कर सके.

E4 देशों ने ईरान के परमाणु व सैन्य कार्यक्रमों में इस्तेमाल होने वाली तकनीक व सामानों की सप्लाई भी पूरी तरह बंद कर दी. इसके अलावा, ईरान की कई बड़ी कंपनियों, जहाजों और सरकारी अधिकारियों की विदेशी संपत्तियों को भी फ्रीज (जब्त) कर दिया गया था.

दोनों देशों के बीच समझौते का ऐलान

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अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने ऐलान किया है कि अमेरिका और ईरान के बीच एक समझौता हो गया है. इसके साथ ही होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलने का प्रोसेस शुरू होगा और जहाजों से कोई टोल नहीं लिया जाएगा. बाद में ईरान के उप-विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी ने भी इस समझौते की पुष्टि की. उनके मुताबिक, इस समझौते के बाद अमेरिका और ईरान के बीच की सैन्य कार्रवाई तुरंत बंद हो जाएगी.

दरअसल, 28 दिसंबर को अमेरिका और इज़रायल ने ईरान पर हमला शुरू किया था. उसके बाद से दुनिया के सबसे अहम समुद्री रास्तों में से एक ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ काफी हद तक बंद पड़ा था. इसी रास्ते से दुनिया के बड़े हिस्से तक तेल पहुंचता है.

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अमेरिका भी अनफ्रीज करेगा ईरानी संपत्ति

ईरानी मीडिया आउटलेट 'मेहर न्यूज एजेंसी' के मुताबिक, अमेरिका ईरान की 12 अरब डॉलर की फ्रीज की गई संपत्ति जारी करने वाला है. यह कदम वॉशिंगटन और तेहरान के बीच शांति समझौते के एक बड़े 14-सूत्रीय समझौते (मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग) का हिस्सा है. 

इस दस्तावेज की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन इसमें 60 दिनों की बातचीत के दौरान ईरान के 24 अरब डॉलर के फंड को धीरे-धीरे जारी करने की बात कही गई है. खबरों के मुताबिक, बातचीत शुरू होने से पहले ही आधी रकम उपलब्ध करा दी जाएगी.

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