
इंवेस्टमेंट की संभावना तलाशने आए अमेरिकी डेलिगेशन को ताज विवाद पर सिद्दार्थनाथ सिंह ने दी सफाई.
यूएस-इंडिया स्ट्रैटजिक पार्टनरशिप फोरम(USISPF)के डेलिगेशन के सामने सिद्धार्थनाथ सिंह ने इस विवाद को कुछ मीडिया हाउसेज का किया-धरा बता दिया. उन्होंने उस किताब का जिक्र भी कर डाला जिसमें ताजमहल को जगह नहीं दी गई थी. बताया कि उस किताब में सिर्फ नए टूरिस्ट स्पॉट्स का जिक्र था, जिसको गलत तरीके से भ्रम फैलाने के लिए इस्तेमाल किया गया. इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक वो ये भी बताना नहीं भूले कि सीएम योगी आदित्यनाथ 26 अक्टूबर को ताजमहल के दौरे पर आ रहे हैं. सिंह सफाई देते-देते इतना भावनाओं में बह गए कि ताजमहल की तुलना वैटिकन सिटी से कर डाली. बोले-जैसे कुछ लोग आस्था तो कुछ लोग घूमने के लिए वहां जाते हैं, वैसे ही ताजमहल में भी आते हैं.
इधर, ताजमहल में हो रहा था पूजा-पाठ
मगर जिस समय सिद्धार्थनाथ सिंह ये बातें बोल रहे थे, ताजमहल में कांड हो रहा था. वो जो मेमे वाला आदमी है ना. दीपक शर्मा. वहां अपने चेले-चपाटों के साथ पहुंच गया था. खुद को राष्ट्रीय स्वाभिमान पार्टी का कार्यकर्ता बताने वाले ये लोग वहां पूजा-पाठ करने लगे. ताजमहल के अंदर से ही फेसबुक लाइव शुरू हो गया. सूचना जब सीआईएसएफ के जवानों को मिली तो बेचारे भागते हुए आए. ताजमहल को तेजोमहालय बनने से बचाया. मोबाइल, कैमरा जब्त कर वीडियो फोटो डिलीट करवाए. बाद में लिखिल माफीनामा देने पर सबको छोड़ दिया.
मीडिया से बातचीत में राष्ट्रीय स्वाभिमान पार्टी के अलीगढ़ के जिलाध्यक्ष दीपक शर्मा ने कहा, 'उनका और उनके साथियों का व्रत था. इसके लिए वो ताज महल नहीं, बल्कि तेजो महल (शिव मंदिर) में भगवान शिव शंकर की पूजा करने आए थे. वो शिव चालीसा का पाठ कर रहे थे, लेकिन ताज महल में तैनात सुरक्षा कर्मियों ने उन्हें रोक दिया. बोले- अब इस देश में पूजा-पाठ पर रोक लगा दी गई है जोकि सही नहीं है.
अब सिद्धार्थनाथ सिंह यही मनाएं कि ये नया कारनामा उन 26 अमेरिकी कंपनियों के डेलिगेट्स तक ना पहुंचे. वरना उनके किए-धरे पर पानी फिर सकता है. मुद्दे की बात ये है कि ऐसे लोगों पर सख्ती नहीं की गई तो लाख सीएम योगी कहते रहें कि ताजमहल भारत मां के सपूतों के खून-पसीने से बना है. संगीत सोम जैसे नेताओं के बयानों पर डैमेज कंट्रोल करते रहें. ताजमहल जाते रहें. मगर कोई फायदा नहीं होगा. ऐसे लोगों पर सख्ती जरूरी है.

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टूरिज्म के लिहाज से भी हीरा है ताजमहल
ताजमहल को गरियाने वालों को बता दें देश को पैसा कमा के देने के मामले में भी ताजमहल सबसे आगे है. ऐसे जितने भी धरोहर हैं यूपी में जहां टिकट लगती है, उनमें से ताजमहल से होने वाली कमाई का हिस्सा 49% रहता है. वहीं, देश में 21% कमाई ताज के टिकटों से होती है. भारत आने वाले 23% फॉरेन टूरिस्ट ताजमहल जरूर जाते हैं. ये सब बातें खुद केंद्र सरकार के मंत्री महेश शर्मा ने राज्यसभा में अगस्त 2016 में एक सवाल का जवाब देते हुए बताईं थीं.
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