The Lallantop

40 लाख की डकैती के मामले में लखनऊ के 8 पुलिसवालों पर कानपुर में FIR

कोर्ट के आदेश पर दर्ज हुआ है केस

Advertisement
post-main-image
कोर्ट के आदेश पर लखनऊ के DCP (ईस्ट) की क्राइम टीम में शामिल आठ पुलिसवालों पर कानपुर के काकादेव थाने (बाएं) में डकैती के मामले में FIR दर्ज हुई है. दाएं यूपी पुलिस की सांकेतिक फोटो.
लखनऊ की एक पुलिस टीम पर कानपुर में डकैती का मामला दर्ज हुआ है. कोर्ट के आदेश पर लखनऊ के DCP (ईस्ट) की क्राइम टीम में शामिल 8 पुलिसवालों पर कानपुर के काकादेव थाने में यह FIR दर्ज की गई है. इसी साल जनवरी में DCP ईस्ट की टीम ने कानपुर के रहने वाले कुछ लोगों को क्रिकेट में सट्टा खिलाने के नाम पर गिरफ्तार किया था. आरोप है कि पुलिस ने पहले एक करोड़ रुपए मांगे. इसके बाद 40 लाख रुपए में बात बनी, लेकिन पुलिस ने पैसे लेने के बाद भी 4 आरोपियों को जेल भेज दिया. क्या है पूरा मामला? आजतक के संतोष शर्मा की रिपोर्ट के मुताबिक, जनवरी में लखनऊ ईस्ट के DCP रहे संजीव सुमन की टीम ने गोमती नगर से ऑनलाइन सट्टा खिलाने के आरोप में कानपुर के मयंक सिंह, दुर्गेश सिंह, आकाश गोयल और शमशाद अहमद को गिरफ्तार किया था. तब पुलिस ने आरोप लगाया था कि ये लोग क्रिकेट मैच में लखनऊ से लेकर कानपुर तक सट्टा खिलाते हैं. इनका बड़ा नेटवर्क है. जेल से छूटने के बाद मयंक सिंह ने तत्कालीन DCP संजीव सुमन की क्राइम टीम पर डकैती का मुकदमा दर्ज कराया है. कोर्ट के आदेश पर कानपुर के काकादेव थाने में क्राइम टीम के प्रभारी सब-इंस्पेक्टर रजनीश वर्मा, देवकीनंदन, संदीप शर्मा, नरेंद्र बहादुर सिंह, रामनिवास शुक्ला, आनंद मणि सिंह, अमित लखेरा और रिंकू सिंह पर डकैती का केस दर्ज हुआ है. मयंक सिंह ने क्या आरोप लगाया है? आरोप लगाया गया है कि 24 जनवरी 2021 की शाम 3:30 बजे जब मयंक सिंह अपने दोस्त आकाश गोयल के साथ काकादेव इलाके में स्कूटी पर जा रहे थे, तभी दो गाड़ियों से आई क्राइम ब्रांच की टीम ने उन्हें हिरासत में ले लिया. इसके टीम उन्हें लखनऊ कैंट थाने ले आई. मयंक और आकाश को कैंट थाने में रखने के बाद पुलिस ने मयंक के मामा दुर्गा सिंह और एक कोचिंग संचालक शमशाद अहमद को लखनऊ के हजरतगंज इलाके से हिरासत में ले लिया. आरोप है कि पुलिस टीम ने दुर्गा सिंह के बड़े भाई विक्रम सिंह से एक करोड़ रुपए मांगे, 40 लाख पर बात बन गई. पुलिस टीम ने कानपुर जाकर यह रकम विक्रम सिंह से ले ली. मयंक सिंह का कहना है कि 40 लाख रुपए लेने के बाद भी पुलिस टीम ने लखनऊ आकर गोमती नगर विस्तार थाने में एक मुकदमा दर्ज कर चारों आरोपियों को जेल भेज दिया. उनका ये भी कहना है कि क्राइम टीम ने कानपुर में 40 लाख रुपए लेने के बाद, उसी दिन दुर्गा सिंह के घर जाकर तलाशी ली. और घर में रखे 30 हजार रुपए और करीब डेढ़ लाख के जेवरात लूट लिए. इस मामले पर लखनऊ पुलिस कमिश्नर डीके ठाकुर का कहना है कि मुकदमा दर्ज किया गया है. विवेचना में साफ होगा कि पुलिसकर्मी दोषी हैं या नहीं. जांच में जो भी तथ्य आएंगे उसके आधार पर कार्रवाई होगी.

Advertisement
Advertisement