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यूपी : BJP विधायक ने फ़र्ज़ी मार्कशीट पर पढ़ाई की थी, कोर्ट ने जेल में डाल दिया

अयोध्या का मामला, साथ में दो और नेता नप गए

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बीजेपी विधायक इंद्र प्रताप तिवारी (लेफ्ट) पर ये केस 1990 में फर्जी मार्कशीट के जरिए साकेत महाविद्यालय फैजाबाद (राइट) में एडमीशन लेने को लेकर चल रहा था. (फोटो-विधायक इंद्र प्रताप तिवारी की तस्वीर उनके ट्विटर अकाउंट से)
यूपी में एक बीजेपी विधायक को इसलिए जेल की सजा सुनाई गई है क्योंकि उन्होंने फर्जी मार्कशीट बनवाकर एडमीशन लिया था. मामला अयोध्या के गोसाईगंज का है. विधायक इंद्र प्रताप तिवारी (Indra Pratap Tiwari) उर्फ खब्बू तिवारी को 28 साल पुराने मामले में अपर जिला जज प्रथम पूजा सिंह ने 5 साल की सजा सुनाई है. उन पर फर्जी मार्कशीट लगाकर साकेत महाविद्यालय में बीएससी सेकेंड ईयर में एडमिशन लेने का आरोप है. उनके साथ में तत्कालीन छात्रनेता फूलचंद यादव और चाणक्य परिषद के नेता कृपा निधान तिवारी को भी 5 साल की सजा सुनाई गई है. विधायक जी जमानत पर चल रहे थे. मामला क्या है? मामला 1992 का है. साकेत महाविद्यालय के प्रिंसिपल यदुवंश राम त्रिपाठी ने 18 फरवरी 1992 को इंद्र प्रताप तिवारी उर्फ खब्बू, फूलचंद यादव और कृपा निधान तिवारी के खिलाफ रामजन्मभूमि थाने में FIR लिखवाई थी. FIR में आरोप थे फर्जी मार्कशीट के जरिए अगली क्लास में दाख़िला लेने के. यदुवंश राम त्रिपाठी ने जो रिपोर्ट दर्ज कराई थी, उसमें कहा गया कि कि इंद्र प्रताप तिवारी उर्फ खब्बू ने 1990 में बीएससी फर्स्ट ईयर की मार्कशीट में फर्जीवाड़ा करके बीएससी सेकेंड ईयर में प्रवेश लिया. साकेत महाविद्यालय के पूर्व अध्यक्ष फूलचंद यादव ने 1986 में बीएससी फर्स्ट ईयर की मार्कशीट में फर्जीवाड़ा करके बीएससी सेकेंड ईयर में प्रवेश लिया. वहीं चाणक्य परिषद के संरक्षक कृपा निधान तिवारी ने 1989 में बीए थर्ड ईयर की मार्कशीट में फर्जीवाड़ा करके एलएलबी में एडमिशन लिया था. मामले में विवेचना के बाद सभी लोगों के खिलाफ 419, 420 समेत IPC की अन्य धाराओं में आरोप पत्र अदालत में प्रस्तुत किया गया. निचली अदालत ने 2018 में मामले को सेशन कोर्ट भेज दिया. लंबे चले मामले के दौरान प्रिंसिपल यदुवंश राम त्रिपाठी की मृत्यु हो गई. हालांकि मामला चलता रहा और कई दूसरे गवाह सामने आए. सोमवार यानी 18 अक्टूबर को मामले में सुनवाई के बाद कोर्ट ने तीनों आरोपियों को दोषी पाया और पांच-पांच साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई. दोषियों पर 13-13 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया गया है. सुनवाई के समय तीनों आरोपी कोर्ट में मौजूद थे. खब्बू तिवारी इन ब्रीफ़ बीजेपी नेता इंद्र प्रताप तिवारी उर्फ खब्बू तिवारी गोसाईगंज विधानसभा से विधायक हैं. वो साकेत महाविद्यालय की छात्र राजनीति से भी जुड़े रहे हैं. 1992 में खब्बू तिवारी साकेत महाविद्यालय के महामंत्री चुने गए थे. भाजपा विधायक इंद्र प्रताप तिवारी उर्फ़ खब्बू तिवारी अयोध्या इलाके के दबंग नेताओं में गिने जाते हैं. उनपर आधा दर्जन से अधिक धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं. खब्बू तिवारी सपा और बसपा के टिकट पर भी विधानसभा का चुनाव लड़ चुके हैं. सजा सुनाए जाने के बाद पुलिस ने उन्हें जेल भेज दिया. उनके अलावा फूलचंद यादव और कृपा निधान तिवारी को भी जेल भेजा गया है. वहीं विधायक इंद्र प्रताप तिवारी के वकील पवन तिवारी ने आजतक से कहा कि अब मामले में ऊपरी कोर्ट में जाएंगे. कोर्ट जो भी कहेगा उसका सम्मान करेंगे. ये भी पढ़ें - यूपी: बीजेपी विधायक इंद्र प्रताप तिवारी पर पत्रकार ने पिटाई करवाने का आरोप लगाया

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