संयुक्त राष्ट्र महासभा ने भारी बहुमत के साथ फिलिस्तीन की पूर्ण सदस्यता का समर्थन किया है. फिलिस्तीन को सदस्य बनाने के प्रस्ताव पर 143 देशों ने समर्थन में वोट किया है. वहीं इसके खिलाफ 9 देशों ने वोट किया. अब UN जनरल असेंबली ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) से फिलिस्तीन की सदस्यता पर "विचार करने" की सिफारिश की है. UN की सदस्यता का फैसला सुरक्षा परिषद ही लेती है.
UN महासभा में इजरायल को झटका, फिलिस्तीन की सदस्यता के समर्थन में पड़े बंपर वोट
इस प्रस्ताव का विरोध करने वालों में जाहिर तौर पर इजरायल का नाम था. और अमेरिका ने भी इजरायल का साथ देते हुए प्रस्ताव का विरोध किया.

फिलिस्तीन संयुक्त राष्ट्र का पूर्ण सदस्य हो या नहीं, इसके लिए 10 मई को जनरल असेंबली में वोटिंग हुई. 193 सदस्यीय महासभा ने फिलिस्तीन पर वोट किया. यह संयुक्त राष्ट्र का पूर्ण सदस्य बनने के लिए फिलिस्तीनी प्रयास का एक वैश्विक सर्वे था. इसे एक ऐसा कदम माना जा रहा है, जो प्रभावी रूप से फिलिस्तीन को राष्ट्र की मान्यता देगा.
इस प्रस्ताव का विरोध करने वालों में जाहिर तौर पर इजरायल का नाम था. और अमेरिका ने भी इजरायल का साथ देते हुए प्रस्ताव का विरोध किया. इसके अलावा 25 देश वोटिंग में शामिल नहीं हुए. सुरक्षा परिषद में अमेरिका शामिल है. माना जा रहा है कि अमेरिका इस प्रस्ताव पर वीटो करेगा.
भारत ने फिलिस्तीन पर आए इस प्रस्ताव का समर्थन किया है. ट्यूनीशियाई-अमेरिकी पत्रकार रामी अयारी ने अपने X हैंडल पर सभी देशों की लिस्ट जारी की है..
प्रस्ताव पास होने से फिलिस्तीन को संयुक्त राष्ट्र की पूर्ण सदस्यता नहीं मिलती है. लेकिन उसे इसमें शामिल होने के लिए योग्य जरूर माना जाता है. फिलिस्तीन के राष्ट्रपति महमूद अब्बास ने इस प्रस्ताव का स्वागत किया है.
अलजजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक, महमूद अब्बास ने कहा कि प्रस्ताव के पारित होने से पता चलता है कि दुनिया फिलिस्तीनी लोगों के अधिकारों और स्वतंत्रता के साथ और इजरायल के कब्जे के खिलाफ खड़ी है. दूसरी तरफ, संयुक्त राष्ट्र में इजरायल के राजदूत गिलाद एर्दान ने वोट की निंदा की और कहा कि संयुक्त राष्ट्र अब एक "आतंकवादी राज्य" का अपने रैंकों में स्वागत कर रहा है.
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ये प्रस्ताव ऐसे समय में पास हुआ है, जब इजरायल और फिलिस्तीन के बीच पिछले 7 महीने से जंग चल रही है. पिछले साल 7 अक्टूबर को हमास ने इज़रायल पर हमला किया था. इसके बाद से यह युद्ध जारी है. 10 मई को फिलिस्तीन स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि इजरायली हमले में अब तक 34,943 फिलिस्तीनी मारे जा चुके हैं और 78 हजार से ज्यादा लोग घायल हुए हैं. मंत्रालय ने कहा कि पिछले 24 घंटों में 39 लोग मारे गए और 58 घायल हुए.
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