ये एक प्रयास था क्रिकेट में कुछ न कुछ नया करने का और दर्शकों की रुचि बढ़ाने का. इससे पहले बिग बैश लीग में ही वो स्टंप्स सबसे पहले यूज हुईं थी जो बेल्स गिरने पर लाइटिंग करने लगती हैं और आज इंटरनेशनल क्रिकेट में वो यूज की जा रही हैं. साथ ही फील्डिंग करते हुए खिलाड़ियों के माइक लगाने और हेलमेट पर कैमरा लगाना भी इसी लीग में शुरू हुआ है.
इस क्रिकेट मैच में टॉस के लिए सिक्के की जगह बल्ला क्यों उछाला गया?
दुनिया वापस वहीं लौट रही है?
Advertisement

मैथ्यू हेडन ने ये बल्ला उछाला.
अपने बचपन के दिनों को याद कीजिए. गली-मोहल्ले या फिर आंगन में क्रिकेट खेलने के लिए क्या क्या इंतजाम करने पड़ते थे. मगर क्या आपको याद है कि जब किसी की जेब खंगालने पर कोई सिक्का नहीं मिल पाता था तो कैसे टॉस करते थे? जी, टॉस तो फिर भी होता था. कभी किसी कागज को उड़ाकर या फिर किसी भी ऐसी चीज को उछालकर जो घुमकर जमीं पर गिरे. कभी कभी तो बल्ला भी उछाल देते थे. मगर अब यदि का जाए कि ऑस्ट्रेलिया की सबसे पॉपुलर लीग यानी बिग बैश लीग के पहले मैच में टॉस बल्ला उछालकर हुआ. एकदम वैसे ही जैसे हम बच्चे किया करते थे. मगर ऐसा क्यों? क्या बिग बैश के पास एक सिक्का नहीं था? सिक्का-विक्का सब था मगर ये एक एक्सपेरिमेंट था. क्रिकेट के उस कल्चर को रिवाइव करने का जो सदियों पहले बीत चुका है. ब्रिसबेन के मैदान पर ब्रिसबेन हीट्स के कप्तान क्रिस लिन और एडिलेड स्ट्राइकर्स के कप्तान मैदान पर आए और प्रजेंटर माइकल स्लेटर ने कहा कि उनके पास आज उछालने के लिए सिक्का नहीं है और वो बैट उछालकर टॉस करेंगे. यहां हेड और टेल नहीं कहा गया. बल्कि यहां हिल और फ्लैट कहा गया. वीडियो देखिए-
Add Lallantop as a Trusted Source

Advertisement
Advertisement
Advertisement



















