सोफा, रजाई और गद्दे. क्या ये भी खाने की चीजें हैं? जाहिर है कि इस सवाल का जवाब ना में ही आएगा. अक्सर आपने बच्चों को मिट्टी या चाॅक खाते हुए देखा होगा, लेकिन हम इसे सामान्य बात समझते हैं. लेकिन हाल ही में ब्रिटेन में एक मामला सामने आया है, जिसे बिलकुल भी सामान्य नहीं मान सकते. विंटर नामक 3 साल की एक बच्ची सोफा, रजाई, गद्दे और फर्नीचर आदि खाने लगती है. इन दिनों सोशल मीडिया पर इस बच्ची की काफी चर्चा है.
ये बच्ची बड़े मन से सोफा, तकिया, लकड़ी सब खा जाती है, डॉक्टर ने टेस्ट किए तो डराने वाली बीमारी निकली
ये बच्ची खाने और ना खाने की वस्तुओं में फर्क नहीं कर पाती है. माता-पिता बेहद परेशान हैं.

विंटर को 'पिका ईटिंग डिसऑर्डर और ऑटिज्म' नामक बीमारी है, जिससे वह खाने और ना खाने की वस्तुओं में फर्क नहीं कर पाती है. बिल्कुल शांत रहती है और घर का सामान खाने का प्रयास करती है, बताते हैं कि इस बीमारी में ऐसा ही होता है.
डॉक्टर को भी दिखायाविंटर की मां स्टेसी अपनी बेटी की परवरिश से जुड़ी परेशानियों को साझा करते हुए बताती हैं कि स्थिति तब और खराब हो गई, जब उन्होंने बेटी को कांच के टुकड़े खाने का प्रयास करते देखा. वो बताती हैं कि लगातार विंटर को निगरानी में रखना पड़ता है, देखना पड़ता है कि उसके साथ कुछ गलत ना हो जाए. सोते समय भी विंटर की देखभाल करनी पड़ती है, क्योंकि वह ब्लैंकेट खाने का प्रयास करती है.
अपनी बेटी के कुछ भी खाने के प्रयास करने और ना बोलने की वजह से उन्होंने जनवरी 2024 में डॉक्टर को दिखाया. डॉक्टर ने कई टेस्ट किए और इस दुर्लभ बीमारी के बारे में पता लगाया.
ये भी पढ़ें- यूपी के भाइयों ने कार को बना डाला 'हेलीकॉप्टर', दुनियाभर के वैज्ञानिक शर्मिंदा हो जाएंगे!
Metro.co.uk की रिपोर्ट के मुताबिक विंटर की मां स्टेसी कहती हैं कि वो पूरा घर ही खाने के प्रयास में रहती है. पिछले दिनों उनके सोफा खरीदने पर उसने उसके भी टुकड़े खाने के लिए निकाल लिए. उसकी इस बीमारी को देखते हुए वो विंटर को कुरकुरे देकर ऊंची चेयर पर बिठाती हैं, फिर भी वह कुरकुरे न खाकर चेयर ही खाना पसंद करती है. स्टेसी कहती हैं कि इस बीमारी ने उसकी नींद भी छीन ली है, वह चुपचाप अपने में खोई हुई बस जागती रहती है.
पिका ईटिंग डिसऑर्डर एक दुर्लभ दिमागी बीमारी है. यह पेशेंट के मानसिक स्थिति पर गहरा प्रभाव डालती है. इसमें मरीज खाने और न खाने की चीजों में अंतर नहीं कर पाता है. इसके लक्षण बचपन से ही नजर आने लगते हैं. यह अनहेल्दी ईटिंग हैबिट के कारण होता है.
(ये स्टोरी हमारे साथ इंटर्नशिप कर रहे शिवांश सिंह ने लिखी है.)
वीडियो: CJI को दिए Electoral Bond मामले के बंद लिफाफों में किन कंपनियों के नाम सामने आए?













