दो युवतियों ने फिर वहीं बच्चों, बूढ़ों, पारिवारिक लोगों के सामने उस शेर को काटा. लिवर निकाला, आंतें निकालीं, दिल निकाला. युवतियां बॉयोल्जी की स्टूडेंट थीं. डेनमार्क में 'एनिमल डाइसेक्शन' पर कानूनन पाबंदी नहीं है. हालांकि वहां जानवरों के क़त्ल और चीर-फाड़ को बहुत छुपाया नहीं जाता लेकिन सरेआम प्रचारित भी नहीं किया जाता.

फ़ोटो कर्टसीः द न्यू यॉर्कर
जिराफ के बच्चे को भी मारा जिससे हल्ला मच गया
मामला 2014 का है. कोपनहेगन चिड़ियाघर में मैरियस नाम के एक जिराफ़ के बच्चे को गोली मार दी गई थी और शेरों को खिला दिया गया. मैरियस सिर्फ़ 2 साल का था. स्वस्थ था. लेकिन ज़ू के अधिकारियों ने बाड़े में आंतरिक प्रजनन रोकने के लिए उसे मार दिया. उसे गोली मार दी गई. बावजूद इसके कि बहुत सारे लोग उस जिराफ़ को गोद लेने के लिए तैयार थे.मैरियस को बचाने के लिए कई ऑनलाइन पिटीशन भी डाली गईं. लेकिन सब बेकार गया. ज़ू वालों ने 9 फरवरी 2014 को उसकी जान ले ली. इतना ही नहीं. इसके बाद ज़ू वालों ने पब्लिक में, बच्चों, परिवारों के सामने उसे लिटा कर चीरा.

फोटोः AP
इस हत्या को दुनिया भर के मीडिया ने ख़ूब दिखाया. लोगों में इस कदर गुस्सा था कि ज़ू के अधिकारियों को मौत की धमकी भी आने लगीं. वीडियो में दिखाया गया जिराफ़ का ये पोस्टमॉर्टम शरीर विज्ञान के प्रति जागरूकता फैलाने के इरादे से लोगों के सामने किया गया और टिकट के पैसे बटोरने के लिए ये पाठक ही तय करें.
https://youtu.be/jTSizBpO3kY
इसी तरह दिसंबर 2015 में भी कोपनहेगन के इसी चिड़ियाघर में जहां मैरियस को मारा गया था, वहीं शेर के एक पूरे परिवार भी डाइसेक्ट कर दिया गया. 4 शेरों के इस परिवार में 2 प्यारे से शावक भी थे. लोगों में इसे लेकर गुस्सा था लेकिन ज़ू के लोग अपने को सही ठहराते रहे.

वो दो प्यारे शेर के बच्चे, किम और तोन्या
क्या होता है डाइसेक्शन?
पहले कुछ दिनों तक इंजेक्शन देकर जानवरों को मौत के करीब लाया जाता है. फ़िर काटा जाता है. एक-एक अंग निकाला जाता हैं. फिर उसका मीट बनाकर बेच दिया जाता है, या बॉयोल्जी, सर्जिकल साइंस और फोरेंसिक साइंस के बच्चों के प्रैक्टिकल के लिए रख दिया जाता है.

एेसा क्यों करते हैं?
जब चिड़ियाघर वालों को लगता है कि कोई जानवर बच्चे पैदा करने के लिए सही नहीं है, उसमें जेनेटिक कमी है तो वो उसे ख़त्म करने का फ़ैसला ले लेते हैं. ताकि वो बाड़े की किसी और मादा के साथ आकर बच्चे न पैदा कर दे.
मैरियस जिराफ़ को मारने के बाद ज़ू मालिक ने बयान दिया था, 'हम सबको प्रैक्टिकली बिहेव करने की जरूरत है. जानवरों से प्यार ठीक है लेकिन ऐसे जानवरों का बचे रहना बाकी जानवरों की सेहत के लिए ठीक नहीं है.'पाठकों को क्या लगता है?
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