शनिवार को कोटा में एक और स्टूडेंट ने अपनी जान दे दी. कोटा के 17 साल के केशव मीना ने 1 मई को NEET (नेशनल एलिजिबिलिटी एंट्रेंस ट्रेस्ट) का एग्जाम दिया था. केशव एग्जाम में अपनी परफॉर्मेंस से दुखी था. केशव तीन साल से कोटा में मेडिकल के एंट्रेंस एग्जाम की तैयारी कर रहा था. पुलिस को कोई सुसाईड नोट नहीं मिला है. लेकिन उसकी दीवाल पर एक नोट था. उसमें लिखा था कि उसने अपना काफी समय बर्बाद कर दिया और समय से सिलेबस पूरा नहीं कर पाया. केशव के साथ उसकी मां भी रहती थीं. लेकिन कुछ दिन पहले अपने गांव चली गई थीं. केशव के मकान मालिक ने बताया कि शनिवार की रात को उसके रूम की लाइट बंद थी. जबकि रोज वो देर रात तक पढ़ाई करता था. सुबह तक उसका टिफिन दरवाजे पर ही था. मकान मालिक ने सुबह कई बार उसका दरवाजा खटखटाया. केशव ने कोई जवाब नहीं दिया. उन्होंने उसके अंकल को फोन करके ये बात बताई. अंकल ने पुलिस को खबर की तो उसके रूम का दरवाजा तोड़ा गया. उसका शव पंखे से लटका मिला. होमवर्क की लिस्ट खोने पर किया सुसाइड रांची में ऐसा ही एक कदम 6th क्लास के एक बच्चे ने उठा लिया. शुक्रवार को तेरह साल के ओम कुमार ने इसलिए फांसी लगा ली क्योंकि उसको मिले हॉलिडे होमवर्क की लिस्ट खो गई थी. ओम DAV Public School का स्टूडेंट था.
कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है लेकिन बच्चे के पिता राजकुमार ने बताया कि वो लिस्ट खो जाने से बहुत टेंशन में था. उन्होंने अपने बेटे को दूसरी लिस्ट दिला देने का भरोसा भी दिया था.
स्टोरी दी लल्लनटॉप के साथ इंटर्नशिप कर रही आकांक्षा ने एडिट की है.
सिलेबस पूरा नहीं कर पाए, होमवर्क की लिस्ट खो गई तो बच्चों ने दे दी जान
दो लड़कों ने सुसाइड किया. एक कोटा का दूसरा रांची का. वजह पढ़ाई से जुड़ी हुई.
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फोटो - thelallantop
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