रथी देवी की मौत कुछ मिनटों में हो गई. जितनी देर में बाकी टीचर्स वहां पहुंचे, उतनी देर में गुरुमुनीस्वरण वहां से भाग गया. स्कूल के टीचर्स ने फौरन पुलिस को बताया. इलाके के एसपी अरुण जल्दी ही स्कूल पहुंचे और जांच शुरू की.

मर्डर के समय रथी देवी आठवीं के बच्चों को पढ़ा रही थी.
जांच में पता चला रथी देवी सिथानेंदाल गांव की रहने वाली थी. उसका पति ओमशक्ति गांव का रहने वाला था. पारिवारिक झगड़े के चलते दोनों के बीच में रिश्ते ख़राब हो रखे थे. दोनों की शादी करीब छह साल पहले हुई थी. उनके जुड़वां बच्चे हैं. एक लड़का और एक लड़की. कई महीनों से दोनों के बीच लड़ाइयां हो रही थी. आपसी मतभेद के चलते रथी देवी पति को छोड़ अपने मायके में रहने लगी.
गुरुमुनीस्वरण पेशे से सिविल इंजिनियर है. काफ़ी समय से वो विदेश में काम कर रहा था. तीन साल पहले वो भारत लौटा और यहीं सेटल हो गया. रथी देवी से अलग होने के बाद वो विरुधुनगर में रहने लगा. दोनों बच्चे अपनी मां के साथ रहते थे. पर मियां-बीवी के रिश्ते नहीं सुधरे. चीज़ें इतनी बदतर हो गईं कि गुरुमुनीस्वरण ने रथी देवी का कत्ल कर दिया.

रथीदेवी इस सरकारी स्कूल में पिछले तीन सालों से काम कर रही थीं.
गुरुमुनीस्वरण के ख़िलाफ़ मामला दर्ज कर लिया गया है. खून करने के बाद गुरुमुनीस्वरण ने लोकल पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया है. जिन बच्चों के सामने रथी देवी का खून हुआ वे अभी शॉक में हैं. इलाके के डिप्टी एजुकेशनल ऑफिसर ने कहा है कि बच्चे और टीचर्स को सही काउंसलिंग दी जाएगी ताकि वे इस ट्रॉमा से उबर पाएं.
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