The Lallantop

DNA टेस्ट न होता तो मां को उसका बेटा नहीं मिलता

एकदम फिल्मी टाइप हुई पड़ी है ये कहानी.

Advertisement
post-main-image
फोटो - thelallantop
बच्चा बदलने वाली बात सुनते ही, बच्चे को काटकर बच्चा किसका है, पता करने वाला विक्रमादित्य का किस्सा याद आने लगता है. बट नाऊ थैंक्स टू DNA टेस्ट. बच्चा किसका है ये पता करने को अब कोर्ट को बच्चा काटने पर आमादा नहीं होना पड़ता. तो ये शिमला का मामला है, जिसमें DNA के जरिए कोर्ट ने मामला निपटाया.
इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज में नर्स शीतल प्रेग्नेंट थीं. उनकी डिलीवरी 26 मई को कमला नेहरू हॉस्पिटल में हुई. उसके पास ही एक बेड पर डिलीवरी के लिए ही आई हुई औरत अंजना ने बताया कि उसे लड़का हुआ है. पर जब हॉस्पिटल वालों ने शीतल को बच्चा थमाया तो वो लड़की थी.
वहीं अंजना, जिसकी थोड़ी देर बाद डिलीवरी हुई उसके बारे में बताया गया कि उसे लड़का हुआ है. इसके बाद शीतल का माथा ठनका. शीतल ने हॉस्पिटल में शिकायत की कि उसे लड़का हुआ था. उसे लड़की क्यों थमाई जा रही है. हॉस्पिटल वालों ने कहा कि उसे लड़की ही हुई थी और शीतल को टाल दिया.
CvtDnEOUIAAwEjk
बच्चों के साथ शीतल और अंजना एक धार्मिक कार्यक्रम में

पर शीतल को पूरा शक था कि उसका बच्चा हॉस्पिटल वालों ने बदल दिया है. इसलिए शीतल ने एक याचिका हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट में दाखिल की. जिसके बाद शिमला पुलिस को इस मामले में जांच के आदेश दिए गए. बच्चा बदला गया है या नहीं, ये कंफर्म करने के लिए DNA टेस्ट करवाया गया.
NDTV की खबर के हिसाब से DNA टेस्ट ने कंफर्म कर दिया कि शीतल का बच्चा अंजना को दे दिया गया था. इसलिए पिछले हफ्ते हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने दोनों परिवारों को कोर्ट के बाहर ही मामला सुलटाने को कह दिया है.
इसके बाद दोनों परिवार बच्चे को बदलने के लिए राजी हो गए हैं. शीतल फाइनली सारे बवाल के बाद अपने बच्चे को पाकर बेहद खुश हैं. कहती हैं, मैं खुद एक नर्स हूं, ये अनदेखी या साजिश थी हॉस्पिटल वालों की. उनको मेरी इतनी परेशानियों के लिए सजा मिलनी चाहिए.
CvtDrNqVUAABSR1
बच्चों के साथ शीतल और अंजना एक धार्मिक कार्यक्रम में

हालांकि अंजना इस लड़के को शीतल को देते हुए रो रही थीं. अंजना का कहना था, मैं पिछले 5 महीने से इस लड़के को अपने बेटे की तरह से पाल रही थी. ये मुश्किल है. पर मैं हमेशा से ही एक लड़की चाहती थी क्योंकि मेरा पहले से ही एक 10 साल का लड़का है.
पुलिस ने एक स्टाफ नर्स और एक मिड-वाइफ को बच्चा बदलने के मामले में गिरफ्तार किया है. इंवेस्टिगेशन रिपोर्ट में आरोप ये है कि ये सारी साजिश रची थी लड़की को जन्म देने वाली औरत और उसके हसबैंड ने.
बी. डी. नेगी जो Shimla के एडिशनल SP हैं, कहते हैं, हमने बच्चा बदलने के मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया है. जरूरत पड़ी तो और भी गिरफ्तारियां करेंगे. ताकि जो भी इस साजिश का असली दोषी है उसे पकड़ा जा सके.


ये भी पढ़ें -

जब आठ साल के बेटे को बाप ने मां के मरने की खबर दी तो क्या हुआ?

14 साल का चमत्कारी गायक, जिसे शायद मर्करी देकर मार दिया गया!

हिंदी फिल्मों की सबसे बड़ी मां जिसे उसके असल बेटे ने बहुत दुख दिए

औरत दुकान जाकर कॉन्डम मांगे, तो उसे ऐसे घूरेंगे जैसे जान मांग ली हो

किस टेस्ट के जरिए अमर सिंह और तेज प्रताप नपुंसकता का सर्टिफिकेट जारी कर रहे हैं?

मदरसे नहीं जाना चाहता था लड़का, मां-बाप ने दी ये घटिया सजा

Advertisement
Advertisement