20 मार्च को लखनऊ के संजय गांधी पोस्ट-ग्रैजुएट इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज़ में भर्ती हुई थीं. वहां हुए टेस्ट में वो कोरोनावायरस पॉज़िटिव पाई गईं. तबसे उनका इलाज चल रहा था. दो हफ्ते से कुछ ज़्यादा समय अस्पताल में गुज़ारने के बाद कनिका 6 अप्रैल को डिस्चार्ज हुईं. पिछले तीन हफ्तों से अपने घर पर क्वॉरंटीन में थीं. 26 अप्रैल को वो पूरी तरह से रोग मुक्त हो गईं. इसके बाद अपना कुशल-क्षेम बताने और सोशल मीडिया पर उनके बारे में चल रही खबरों का फैक्ट चेक करते हुए एक लंबा-चौड़ा इंस्टाग्राम पोस्ट लिखा. पोस्ट नीचे देखिए और उसका हिंदी तर्जुमा पढ़ने के लिए यहां क्लिक करिए
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कनिका अपना प्लाज़्मा डोनेट करने वाली पहली सेलेब्रिटी नहीं हैं. उनसे पहले बिज़नेसमैन और फिल्म प्रोड्यूसर करीम मोरानी और उनकी दोनों बेटियों शाज़ा और ज़ोया मोरानी को भी कोविड-19 था. लेकिन अब वो लोग इस बीमारी से उबर चुके हैं और अपना प्लाज़्मा डोनेट करने की घोषणा कर चुके हैं. बताया जाता है कि किसी बीमारी से ठीक हो चुके लोगों के खून में उस बीमारी से लड़ने के लिए एंटी-बॉडीज़ तैयार हो जाती हैं. इनसे दूसरों का भी इलाज किया जा सकता है.
कनिका फाइनली कोरोना फ्री तो हो चुकी हैं लेकिन उनके माथे पर अभी एक समस्या बैठी हुई है. अभी उनका सामना पुलिस से भी होना है. कनिका के खिलाफ लखनऊ के सरोजिनी नगर थाने में आईपीसी की धारा 188, 269 और 270 के तहत एफआईआर दर्ज हो रखी है. रिपोर्ट्स के मुताबिक कनिका पर ये मामले लखनऊ के मुख्य चिकित्सा अधिकारी की शिकायत पर दर्ज किए गए हैं. सिर्फ यही नहीं उनके खिलाफ हजरतगंज और महानगर थाने में भी एफआईआर दर्ज है. आरोप ये हैं कि उन्होंने सरकारी दिशा-निर्देशों का उल्लंघन किया और कई लोगों की जान खतरे में डाली.
वीडियो देखें: कनिका ने अस्पताल से डिस्चार्ज होने के 21 दिन बाद इंस्टाग्राम पोस्ट में क्या लिखा?












